चंडीगढ़, 03 फ़रवरी 2026: पंजाब सरकार की रोड सेफ्टी फोर्स (एसएसएफ) के दो साल पूरे हो गए है। इसके बारे में जानकारी देते हुए आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि यह फोर्स मुख्यमंत्री भगवंत मान की सबसे प्रभावशाली और जनहितैषी के रूप में उभरी है।
पन्नू ने बताया कि जब दो साल पहले एसएसएफ की शुरुआत की गई थी, तो साल 2023 में पंजाब के हाईवे पर एक्सीडेंट में 1,955 मौतें हुई थीं। साल 2024 में यह आंकड़ा तेज़ी से घटकर 1,016 हो गया है, जिसका मतलब है कि एसएसएफ के तेज़ और प्रोफेशनल रिस्पॉन्स की वजह से सिर्फ़ एक साल में 940 कीमती जानें बचाई गई हैं। जानलेवा दुर्घटनाओं के मामलों में लगभग 50 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है।
उन्होंने बोला कि एसएसएफ के तहत लगभग 1,500 विशेष तौर पर प्रशिक्षित जवान फुल-टाइम तैनात किए गए हैं और उन्हें वी.आई.पी या किसी दूसरी ड्यूटी पर नहीं भेजा जाता है। हाईवे पर हर 30 किलोमीटर की दूरी पर पूरी तरह से लैस एसएसएफ गाड़ियां तैनात हैं, जो तेज़ी से कार्रवाई करतें है। नतीजतन, एसएसएफ की टीमें 6 से 8 मिनट के अंदर हादसे वाली जगह पर पहुंच जाती हैं, जो विकसित देशों के बराबर रिस्पॉन्स टाइम है।
पन्नू ने कहा कि ये गाड़ियां फर्स्ट-एड की सुविधाओं, बचाव उपकरण और कटरों से लैस हैं। जवानों को पीड़ितों को सुरक्षित निकालने और अस्पताल भेजने से पहले तुरंत मेडिकल मदद देने की प्रशिक्षित किया गया है।
उन्होंने कहा कि एसएसएफ की मौजूदगी से हादसे के बाद होने वाली लूटपाट भी लगभग खत्म हो गई है और हाईवे पर होने वाले दूसरे अपराधों में भी भारी कमी आई है।
एसएसएफ को मुख्यमंत्री भगवंत मान का “ड्रीम प्रोजेक्ट” बताते हुए, पन्नू ने कहा कि यह न सिर्फ पूरा हुआ है बल्कि हर दिन जान बचाने वाले नतीजे दे रहा है।
ये भी देखे: पंजाब में SSF के गठन के बाद सड़क हादसों में होने वाली मौतों की दर में 48 प्रतिशत की कमी आई – CM मान