रांची , 24 जनवरी 2025: रितिका तिर्की( Ritika Tirkey) वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) की पहली आदिवासी महिला सहायक लोको पायलट, उस समय चकित रह गईं जब डाकघर के अधिकारियों की एक टीम उनके घर से राष्ट्रपति भवन(Rashtrapati Bhawan) में आयोजित ‘एट होम’ रिसेप्शन का निमंत्रण देने आई। 27 वर्षीय तिर्की ने बताया कि उन्हें कभी नहीं लगा था कि राष्ट्रपति उन्हें लोको पायलट के तौर पर आमंत्रित करेंगे।
पहले नहीं हुआ भरोसा
रितिका को जब यह निमंत्रण ई-मेल के जरिए मिला, तो उन्हें पहले शक हुआ कि यह शायद फर्जी हो, लेकिन जब राष्ट्रपति भवन से औपचारिक निमंत्रण प्राप्त हुआ, तो वे पूरी तरह से आश्चर्यचकित हो गईं। यह निमंत्रण उनके घर, जो जमशेदपुर के जुगसलाई में है, डाकघर की एक टीम ने पहुंचाया, जिसे सहायक डाक अधीक्षक परीक्षित सेठ ने मॉनिटर किया था।
रितिका ने कहा, “जब मुझे ई-मेल मिला, तो मैंने सोचा कि यह कोई धोखा हो सकता है, लेकिन जब डाकिया मेरे दरवाजे पर आया और औपचारिक निमंत्रण दिया, तो मैं अभिभूत हो गई।” उन्होंने यह भी कहा कि एक साधारण आदिवासी परिवार से आने वाली लड़की के लिए यह एक अनमोल अवसर है।
जानिए कौन है रितिका तिर्की
वह टाटानगर और पटना के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में सहायक लोको पायलट के रूप में काम करती हैं और न केवल इस प्रतिष्ठित भूमिका को निभाने वाली पहली आदिवासी महिला हैं, बल्कि अपने परिवार और राज्य की महिलाओं के लिए गर्व का कारण भी बन गई हैं।
रितिका का परिवार झारखंड के एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखता है, और उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा रांची से प्राप्त करने के बाद बीआईटी मेसरा से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक किया। उनके पिता एक सेवानिवृत्त वन रक्षक हैं। रेलवे के साथ उनका करियर धनबाद रेल डिवीजन के तहत चंद्रपुरा, बोकारो से शुरू हुआ, और 2021 में उन्हें टाटानगर में स्थानांतरित कर दिया गया, जहाँ उन्हें पदोन्नति मिली और उनके करियर ने नई ऊँचाइयों को छुआ।
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