Red Sandalwood: कर्नाटक में बड़ी लाल चंदन तस्करी का भंडाफोड़

by Manu
red sandalwood smuggling racket busted in Karnataka

कट्टीगेनहल्ली , 06 फ़रवरी 2025: कर्नाटक के होसकोटे तालुक के थिरुमलशेट्टीहल्ली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कट्टीगेनहल्ली गांव से अवैध रूप से संग्रहीत 180 लाल चंदन (Red Sandalwood) के लॉग जब्त किए हैं। यह कार्रवाई आंध्र प्रदेश और कर्नाटक पुलिस के संयुक्त अभियान का परिणाम है। जब्त किए गए लाल चंदन की लकड़ी की कीमत करीब 1 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

नीलगिरी के जंगल में छिपाया गया था Red Sandalwood लाल चंदन

तस्करों ने लाल चंदन को नीलगिरी के जंगल में गहरे स्थानों पर छिपाकर रखा था, ताकि पुलिस से बचा जा सके। यह तस्करी का मामला विशेष रूप से संवेदनशील है क्योंकि लाल चंदन एक लुप्तप्राय प्रजाति है और इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बहुत मांग है, खासकर चीन और जापान में।

आंध्र प्रदेश से तस्करी की योजना

जांच में यह भी सामने आया कि इन लकड़ियों को आंध्र प्रदेश के तिरुपति से तस्करी कर लाया गया था। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक पुलिस ने मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया, जिसके बाद यह बड़े पैमाने पर जब्ती की गई। जब्त की गई सामग्री को अब आंध्र प्रदेश पुलिस को आगे की जांच के लिए सौंप दिया गया है।

आंध्र प्रदेश पुलिस का महत्वपूर्ण सहयोग

बेंगलुरु ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ने इस ऑपरेशन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश पुलिस के पास तस्करों के बारे में जानकारी थी, और उन्होंने वहां गिरफ्तार किए गए अपराधियों से जानकारी प्राप्त कर कर्नाटक में तस्करी के इस ठिकाने का खुलासा किया। उन्होंने इस संयुक्त ऑपरेशन की सराहना की और इसे आंध्र प्रदेश पुलिस का सफल कार्य बताया।

तिरुपति में पहले भी हुआ था बड़ा खुलासा

हाल ही में, तिरुपति रेड सैंडर्स एंटी-स्मगलिंग टास्क फोर्स ने एक अंतरराज्यीय लाल चंदन तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया था। 22 जनवरी को, चित्तूर, आंध्र प्रदेश के पास एक गुप्त सूचना के आधार पर, टास्क फोर्स ने तीन तस्करों को गिरफ्तार किया और 4.5 करोड़ रुपये मूल्य की लाल चंदन की लकड़ी जब्त की। तस्करों ने लकड़ी को एक कंटेनर लॉरी में छिपाकर असम ले जाने की योजना बनाई थी, जहाँ इसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेचा जाना था।

लाल चंदन (Red Sandalwood) की तस्करी पर कड़ी नजर

लाल चंदन (Red Sandalwood) की तस्करी एक गंभीर अपराध है, और इस पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। यह लकड़ी न केवल अपने गहरे लाल रंग के लिए जानी जाती है, बल्कि इसके औषधीय गुणों और मूल्य के कारण भी इसकी उच्च मांग है। यह तस्करी का मामला तब सामने आया है जब आंध्र प्रदेश में लाल चंदन के अवैध व्यापार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, क्योंकि यह प्रजाति अब लुप्तप्राय हो रही है।

लाल चंदन (Red Sandalwood) की तस्करी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से तस्करी पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी और प्रकृति की इस अमूल्य धरोहर को बचाया जा सकेगा।

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