पटियाला, 1 मई 2025- Punjabi University : पंजाबी यूनिवर्सिटी का स्थापना दिवस इस बार ’ दसवीं विश्व पंजाबी साहित्य कान्फ्रेंस’ Punjabi Literature Conference’ के उद्घाटन के साथ मनाया गया। पंजाबी साहित्य अध्ययन विभाग की तरफ से ’ पंजाबी साहित्य और संस्कृति स्थिति पर संभावनाओं’ विषय पर करवाई जा रही इस कान्फ्रेंस के उद्घाटनी समारोह मौके स्थापना दिवस सम्बन्धित भाषण यूनिवर्सिटी university के पूर्व वाइस चांसलर प्रो. बी. एस. घुम्मण dr. B.s ghuman की तरफ से दिया गया।
इस मौके वाइस चांसलर प्रो. करमजीत सिंह ने वीडियो संदेश के द्वारा अपना प्रधानगी भाषण देते कहा कि पंजाबी यूनिवर्सिटी punjabi university के पास अपनी एक गौरवमई विरासत है जिस पर हमें सभी को गर्व है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी की बेहतरी के लिए हर अध्यापक का फर्ज है कि वह अपने अपने हिस्से बनती जिम्मेदारी सुहिरदता के साथ निभाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों student’s को भी पंजाबी यूनिवर्सिटी की महानता को समझते इस से लाभ उठाना चाहिए।
लोग लहरों में यूनिवर्सिटी का भरपूर योगदान
प्रो. बी.एस. घुम्मण ने अपने भाषण में कहा कि पंजाब को जितने विद्वान पंजाबी यूनिवर्सिटी punjabi university ने दिए हैं उतने शायद ही किसी अन्य संस्थान ने दिए हों। उन्होंने कहा कि पंजाबी यूनिवर्सिटी प्रगतिशील विचारों और नई पहलकदमियों की नरसरी है। यह वह संस्थान है जहां हर तरह के विचारों को बराबर की जगह मिलती है। उन्होंने कहा कि पंजाब में जितनी भी लोग लहरें पैदा हुई हैं, उन सब में पंजाबी यूनिवर्सिटी punjabi university का भरपूर योगदान है। उन्होंने कहा कि वित्त और अकादमिक पक्ष से पिछड़े लोगों के लिए हमेशा ही पंजाबी यूनिवर्सिटी डट कर खड़ी है।
उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्गों और लड़कियों को उच्च शिक्षा education प्रदान करने में पंजाबी यूनिवर्सिटी का विशेष योगदान है। उन्होंने यह भी सुझाया कि भविष्य में नई चुणौतियों का सामना करने के लिए यूनिवर्सिटी को ए.आई. जैसेक्षेत्रों में अन्य और ज्यादा गहराई के साथ काम करने की जरूरत है। यूनिवर्सिटी को विशेष ए. आई. नीति तैयार करनी चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाया कि यूनिवर्सिटी को न सिर्फ अपने गौरवमई इतिहास को ही दस्तावेज रूप में लिखना चाहिए बल्कि भविष्य के लिए विजन दस्तावेज भी तैयार करना चाहिए।
विद्यार्थियों की संख्या में हो रहा विस्तार
डीन अकादमिक मामले प्रो. नरिन्दर कौर मुल्तानी pr. narinder kaur multani ने स्वागती भाषण दौरान पंजाबी यूनिवर्सिटी की तरफ से जा रही अलग- अलग पहलकदमियों बारे जानकारी दी। उन्होंने अकादमिक और प्रबंधन पक्ष से यूनिवर्सिटी की बेहतरी के लिए उठाए जा रहे अलग- अलग कदमों बारे बताया।
उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी के नए कोर्सांे में दाखिल होने वाले विद्यार्थियों student’s की संख्या में लगातार विस्तार हो रहा है। कान्फ्रेंस के उद्घाटनी सैशन में मुख्य मेहमान के तौर पर पहुंचे कैनेडा canada की थामसन रिवर्ज यूनिवर्सिटी से प्रोफैसर अमैरीटस प्रो. सुरिन्दर धंजल ने स्थापना दिवस की बधाई देते कहा कि यूनिवर्सिटी वास्तव में विद्यार्थियों के साथ ही बनती है। इस लिए यूनिवर्सिटियों को विद्यार्थी केंद्रित अकादमिक माहौल का निर्माण करने की तरफ ध्यान देना चाहिए।
प्रो. तेजवंत सिंह गिल ने दिया भाषण
कान्फे्रंस का मुख्य- सुर भाषण प्रसिद्ध विद्वान प्रो. तेजवंत सिंह pr. tejwant singh गिल की तरफ से दिया गया। भाषण दौरान उन्होंने अलग- अलग क्षेत्रों में किये अपने कामों के हवाले के साथ बात की। रजिस्ट्रार प्रो. संजीव पुरी ने धन्यवादी भाषण दौरान यूनवर्सिटी में स्थापित की गई डिजीटलकरण सम्बन्धित लैब बारे जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह लैब सी. एस. आर. ग्रांट के साथ स्थापित की गई है जिस के द्वारा यूनिवर्सिटी के अलग- अलग लाभ उठा सकने के योग्य होंगे। प्रोगराम दौरान मंच संचालन का कार्य डीन अलूमनी डा. गुरमुख सिंह और पंजाबी साहित्य अध्ययन विभाग के प्रमुख डा. परमीत कौर ने किया।
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