पंजाब पुलिस ने ऑपरेशन सील-9 के तहत नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की

by Manu
ऑपरेशन सील-9

चंडीगढ़, 08 मार्च: पंजाब सरकार की नशे के खिलाफ चल रही युद्ध नशों विरुद्ध मुहिम के तहत, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर पंजाब पुलिस ने शुक्रवार को विशेष ऑपरेशन ऑपरेशन सील-9 चलाया। इस ऑपरेशन का उद्देश्य सीमावर्ती राज्य पंजाब में प्रवेश करने या बाहर जाने वाले वाहनों की जांच करना था, ताकि नशे की तस्करी और शराब तस्करी पर कड़ी नजर रखी जा सके।

सीमावर्ती जिलों में विशेष नाके और निगरानी

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव के मार्गदर्शन में यह ऑपरेशन सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक जारी रहा। इस दौरान सभी एसएसपी को निर्देश दिए गए थे कि वे सीमावर्ती जिलों में रणनीतिक स्थानों पर विशेष नाके लगाएं और गजटेड अधिकारियों/एसएचओ की निगरानी में सीलिंग प्वाइंट्स पर अधिकतम पुलिस बल के साथ नाकाबंदी सुनिश्चित करें।

स्पेशल डीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) अर्पित शुक्ला के अनुसार, 10 अंतर-राज्यीय सीमावर्ती जिलों में लगभग 84 प्रवेश/निकासी बिंदुओं पर 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ नाके लगाए गए। इन जिलों में पठानकोट, श्री मुक्तसर साहिब, फाजिल्का, रोपड़, एसएएस नगर, पटियाला, संगरूर, मानसा, होशियारपुर और बठिंडा शामिल हैं।

इस ऑपरेशन के दौरान, राज्य में प्रवेश करने और बाहर जाने वाले 3938 वाहनों की जांच की गई। इनमें से 471 वाहनों के चालान किए गए और 11 वाहनों को जब्त किया गया। इसके अलावा, नशे के खिलाफ जारी अभियान के तहत, पुलिस टीमों ने 687 स्थानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में 86 एफआईआर दर्ज की गई और 111 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इस प्रकार, एक सप्ताह के भीतर गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 884 हो गई।

नशे की तस्करी का खुलासा: भारी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त

स्पेशल डीजीपी के मुताबिक, छापेमारी के दौरान नशा तस्करों के कब्जे से भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए गए। इनमें 1.2 किलोग्राम हेरोइन, 9.8 किलोग्राम अफीम, 3.3 किलोग्राम गांजा, 46 किलोग्राम भुक्की, 7091 नशीली गोलियां/इंजेक्शन और 1.32 लाख रुपये की ड्रग मनी शामिल हैं। पुलिस ने राज्यभर में 250 पुलिस टीमों की मदद से 787 संदिग्ध व्यक्तियों की भी जांच की।

नशे के खिलाफ तीन-स्तरीय रणनीति अपनाई गई

स्पेशल डीजीपी ने कहा कि राज्य सरकार ने नशे की समस्या के समाधान के लिए तीन-स्तरीय रणनीति— प्रवर्तन (इंफोर्समेंट), नशा मुक्ति (डी-एडिक्शन) और रोकथाम (प्रिवेंशन) तैयार की है। इस रणनीति के तहत, पंजाब पुलिस ने नशा छुड़ाने के अभियान के तहत दो व्यक्तियों को नशा छुड़ाने और पुनर्वास केंद्र में इलाज के लिए भेजा है। वहीं, रोकथाम के तहत राज्यभर में मंगलवार को 189 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

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