पटियाला, 22 मार्च : पंजाबी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डा. कर्मजीत सिंह की अगुवाई में हुई सिंडिकेट ने आज पंजाब के सब से सीनियर मोस्ट प्रोफैसर डा. पुशपिन्दर सिंह गिल पर लगे समुचे दोष रद्द कर दिए हैं और डा. गिल को सिंडिकेट में आई इनकुआरी रिपोर्ट को फाइल करते पूरी तरह चिट दे दी है। सिंडिकेट ने इस बात के लिए भी खेद प्रकट किया है कि डा. पुशपिन्दर सिंह गिल जैसे ईमानदार और निडर सब से सीनियर प्रोफैसर को 15 महीने परेशान किया गया और पिछले समय में हुई चार सिंडीकेटों ें में डा गिल की इनकुआरी रिपोर्ट सबमिट ही नहीं की गई। सिंडिकेट की मीटिंग बजट पर रखी गई थी परन्तु इस में अहम मुद्दे के साथ ले कर आते गए। इस तरह यूनिवर्सिटी सिंडिकेट की तरफ से 15 महीने बाद डा. गिल को इन्साफ दिया गया। वाइस चांसलर डा. करमजीत सिंह ने इस बात को लेकर भी अधिकारियों की खिंचाई की कि गत चार सिंडीकेटों में डा. गिल की रिपोर्ट पर आखिर क्यों विचार नहीं हुआ।
डा. गिल ने पूर्व वीसी प्रो. अरविन्द के कई गलत कामों को किया था खुलेआम चैलेंज
डा. पुशपिन्दर सिंह गिल ने पंजाबी यूनिवर्सिटी के बतौर सब से सीनियर प्रोफैसर होने के नाते पीयू के गत तीन साल रहे वाइस चांसलर प्रो. अरविन्द के कई गलत फैसलों का डटकर विरोध किया था और पंजाब के राज्यपाल जोकि यूनिवर्सिटी के चांसलर भी होते हैं, को पत्र लिखकर वह फैसले रद्द करवाए थे, जिस कारण प्रोफैसर अरविन्द ने अपनी रंजिश निकालते डा. गिल पर बेतुके दोष लगाके उनको नवंबर 2023 को सस्पैंड कर दिया था। उसके बाद दो महीने इनकुआरी केटी नहीं बिठायी और फिर सैंट्रल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर रहे जैरूप सिंह गिल के नेतृत्व में एक इनकुआरी कमीशन बना दिया गया, जिन्होंने डा. गिल को दिसंबर 2023 में अपना जवाब पेश करने के लिए बुलाया, जिस पर डा. जैरूप गिल ने डा. पुशपिन्दर गिल के जवाब के साथ सहमत होते जनवरी 2024 में अपनी रिपोर्ट पंजाबी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर को सबमिट कर दी परन्तु 28 मई 2024 तक इसको पूरी तरह दफ्तरों अंदर रोलकर रखा और उसके बाद यूनिवर्सिटी ने चार सिंडीकेटें की। इसको सिंडीकेटों में ही नहीं रखा गया। डा. पुशपिन्दर गिल ने वाइस चांसलर और अन्य अधिकारियों को कई पत्र लिखकर कहा कि उनकी इनकुआरी रिपोर्ट को सिंडिकेट में खोला जाये और उस पर विचार करके उनको या तो दोषी करार दिया जाए या दोष मुक्त किया जाए। असल में इनकुआरी रिपोर्ट पूरी तरह डा. पुशपिन्दर गिल के हक में था, जिस कारण यह सिंडिकेट में नहीं लाई गई और डा. गिल को पूरा डेढ़ साल मैंटली टारचर किया गया।
पंजाबी यूनिवर्सिटी को जल्द मिल सकता है रैगुलर वाइस चांसलर
डा. पुशपिन्दर सिंह गिल पंजाबी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर के लिए प्रबल दावेदार हैं। पंजाब सरकार ने डा. पुशपिन्दर सिंह गिल, प्रो. वरिन्दर कौशिक, डा. जीएस बत्रा पर आधारित एक पैनल पंजाब के राज्यपाल को वीसी लगाने के लिए भेजा हुआ था, वह फाइल दो बार डा. गिल के दोषों की सिंडिकेट में क्लीयर ना होने के कारण वापिस आई थी। अब पंजाब सकरार वीसी की फाइ इस पैनल के साथ दोबारा राज्यपाल को भेजने जा रही है तथा पंजाबी यूनिवर्सिटी में जल्द वीसी लगने की उम्मीद लग गई है।
डॉ. पुशपिंदर गिल को क्लीन चिट देने के साथ साथ समुचे बैनीफिट भी मिलेंगे : वाइस चांसलर
पंजाबी यूनिवर्सिटी के वाइस चंासयलर डॉ. कर्मजीत ङ्क्षसह ने बातचीत करते बताया कि पंजाबी यूनिवर्सिटी के प्रोफैसर पुशपिंदर गिल की इन्कुआरी रिपोट्र पर भी चर्चा करके उनको जहां क्लीन चिट दी गई है, वहां यह आदेश जारी किए हैं कि उनको उनके समुचे बैनीफिट तथा बकाए उनको दिए जाएं। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात है कि डॉ. पुशपिंदर गिल को बहाल भी कर दिया गया था लेकिन इसके बावजूद भी उनकी रिपोर्ट सिंडीकेट में नहीं लाई गई। उन्होंने कहा कि इन्कुआरी रिपोर्ट में यह स्पष्ट है कि उन पर कोई भी आरोप साबित नहीं होता तथाज ब वह सेवामुक्त हो चुके हैं तो इस पर तो चर्चा तक करने की जरूरत नहीं रहती। डॉ. कर्मजीत सिंह ने कहा कि पुशपिंदर गिल के समुचे दोष रद्द करके उनको क्लीन चिट दे दी गई है।