पटियाला, 2 अप्रैल : परिवारवादी, खुद प्रसत और व्यापारिक सोच वाले नेता कभी भी सिख कौम का भला नहीं कर सकते। अकाली दल का इतिहास लाखों कुर्बानियों के साथ भरा पड़ा है, जिस ने भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी सिखों और पंजाबियों के हकों की रक्षा के लिए लड़ते हुए कुर्बानियां दे कर हकों की रक्षा की है। यह शब्द शिरोमणी अकाली दल के प्रवक्ता कृष्ण सिंह सनौर ने शिरोमणि अकाली दल सुधार लहर के नेताओं की भरती सम्बन्धित चल रही कारगुजारी की तीखी आलोचना करते बोले। उन्होंने कहा कि सुधार लहर के नेता ना सिर्फ शिरोमणी अकाली दल के अतुल इतिहास से अनजान हैं, बल्कि आज अपने आप को पंथक पक्ष के तौर पर पेश करके पंजाब के लोगों की आंखों में धूल डालने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि श्री अकाल साहिब के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि कौम के एक नेता के निमाने सिख के तौर पर पेश होकर तख्वहार भुगतने उपरांत भी राजनैतिक रोटियां सेकने के लिए अपने आप बना नेता अपने राजसी हितों के लिए उसके साथ रंजिाश् भरा वयवहार रखते हुए साजिशें कर रहे हैं, जिके साथ केवल और केवल पंजाबियों के हितों का नुकसान हो रहा है। उन्होंने केंद्रीय राजनीतिक पार्टियों पर आरोप लगाया कि वह इन नेताओं की पीठ पर खड़े हैं, जो क्षेत्रीय पार्टी शिरोमणि अकाली दल को कमजोर करके पंजाब व पंजाबियों के हकों की लड़ाई को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं7 आखिर में उन्होंने कहा कि शिरोमणी अकाली दल एक इस तरह का जत्थेबन्दक आंदोलन है जिसने अपने लंबे माणमत्ते इतिहास में लाखों कुर्बानियां दे कर न सिर्फ देश की आजादी के लिए संघर्ष किया, बल्कि राजनैतिक, सामाजिक और संवैधानिक स्तर ोते भी पंजाबी भाईचारे हकों भी आवाज बन कर संघर्ष किया है।
परिवारवादी और व्यापारिक सोच वाले कभी भी सिख कौम की सेवा नहीं कर सकते : कृष्ण सिंह सनौर
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