चंडीगढ़, 17 जुलाई 2025: पंजाब सरकार ने बच्चों की सुरक्षा और उनकी सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए एक अहम कदम उठाया है। सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग ने ‘ऑपरेशन जीवन ज्योत’ शुरू किया है, जिसके तहत भीख मांगते पाए गए बच्चों और उनके साथ मौजूद लोगों का डीएनए टेस्ट किया जाएगा।
यह कदम उन बढ़ती घटनाओं को देखते हुए उठाया गया है, जिनमें संदेह है कि कई बच्चे अपने साथ दिखने वाले लोगों से जैविक रूप से संबंधित नहीं हैं। आशंका है कि इन बच्चों को मानव तस्करी के जरिए शहरों में लाया जा रहा है और जबरन भीख मंगवाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
इस ऑपरेशन जीवन ज्योत योजना की रूपरेखा सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में तैयार की गई। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव राजी पी. श्रीवास्तव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि कई बार बच्चों को गोद में लिए महिलाओं को उनकी मां मान लिया जाता है, लेकिन वास्तविकता कुछ और हो सकती है। इस पहल का मकसद बच्चों को तस्करी और शोषण से बचाना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
ये भी देखे: पंजाब सरकार का भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, पंजाब पुलिस के DSP गिरफ्तार