नई दिल्ली: इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाने वाली कंपनी ओला में एक बार फिर कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है। इस बार कंपनी ने करीब 1,000 कर्मचारियों को बाहर निकालने का निर्णय लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे पहले नवंबर 2024 में कंपनी ने लगभग 500 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। हालांकि, कंपनी ने इस छंटनी पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, बल्कि केवल यह संकेत दिया कि यह निर्णय फ्रंट-एंड ऑपरेशंस के पुनर्गठन और स्वचालन के कारण लिया गया है।
पुनर्गठन और स्वचालन के कारण छंटनी
ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के एक प्रवक्ता ने कहा, “हमने अपने फ्रंट-एंड ऑपरेशंस को पुनर्गठित और स्वचालित किया है, जिससे मार्जिन में सुधार हुआ है, लागत कम हुई है और ग्राहकों को बेहतर अनुभव मिला है। इसके परिणामस्वरूप कुछ गैर-जरूरी रोल समाप्त कर दिए गए हैं ताकि उत्पादकता में वृद्धि हो सके।” इस छंटनी का दूसरा दौर ऐसे समय में आया है जब ओला इलेक्ट्रिक ने अपनी EBITDA (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की आय) मार्जिन को लगभग 10 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए रणनीतिक कदम उठाए हैं।
ओला इलेक्ट्रिक कर्मचारियों की छंटनी- कंपनी को हुआ भारी नुकसान
ओला इलेक्ट्रिक को वित्तीय रूप से भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। 31 दिसंबर 2024 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही में कंपनी को 564 करोड़ रुपये का घाटा हुआ, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में 376 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। तीसरी तिमाही में कंपनी की परिचालन से आय 1,045 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 1,296 करोड़ रुपये थी।
ग्राहक शिकायतें और कंपनी का जवाब
हाल ही में ओला इलेक्ट्रिक को राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (CCPA) में काफी शिकायतें मिली थीं। जुलाई 2023 और अगस्त 2024 के बीच ओला इलेक्ट्रिक के खिलाफ 10,644 शिकायतें दर्ज की गईं थीं। हालांकि, कंपनी ने दावा किया है कि उसने 99.1 प्रतिशत शिकायतों का समाधान कर दिया है।
यह छंटनी और कंपनी के वित्तीय हालात एक ऐसे समय में हो रहे हैं, जब ओला इलेक्ट्रिक अपनी मार्केट पोजिशन को मजबूत करने के लिए कई तरह की रणनीतियाँ अपना रही है।
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