संसद में मीत हेयर ने उठाए पंजाब के मुद्दे, आंगनवाड़ी वर्करों की स्थायी नौकरी से लेकर बाढ़ राहत तक मांगें

by Manu
मीत हेयर

नई दिल्ली, 19 दिसंबर 2025: लोकसभा में सप्लीमेंट्री मांगों पर चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी के संगरूर सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने पंजाब से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दे उठाए। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुदान की मांग की।

मीत हेयर ने आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों को स्थायी करने की मांग की। उनका मानदेय बढ़ाने को कहा। केंद्र से वर्कर को सिर्फ 4500 रुपये और हेल्पर को 2250 रुपये मिलते हैं। उन्होंने इसे शोषण बताया। बच्चों के पोषण में आंगनवाड़ी वर्करों की अहम भूमिका है। सरकार उन्हें नियमित वेतन दे और स्थायी करे।

पंजाब की बाढ़ का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि राज्य को 20 हजार करोड़ का नुकसान हुआ। बुनियादी ढांचा तबाह हो गया। प्रधानमंत्री ने 1600 करोड़ के पैकेज का ऐलान किया था। लेकिन अब तक कुछ नहीं मिला। केंद्र तुरंत पैकेज के साथ 20 हजार करोड़ जारी करे।

राशन कार्डों का मुद्दा उठाते हुए मीत हेयर ने कहा कि 2011 की जनगणना पर ही 14 लाख 14 हजार 500 कार्ड बने हैं। कोविड से जनगणना नहीं हुई। आबादी बढ़ी है। गरीबी रेखा से नीचे परिवार बढ़े हैं। नए राशन कार्ड तुरंत बनाए जाएं।

खेल अनुदान में भेदभाव का आरोप लगाया। खेलो इंडिया ग्रांट में पंजाब को नजरअंदाज किया गया। गुजरात को करोड़ों दिए गए। लेकिन 2024 पेरिस ओलंपिक में गुजरात ने कोई पदक नहीं जीता। पंजाब के 8 खिलाड़ियों ने हॉकी में पदक दिलाया। संसारपुर जैसे गांवों ने कई पदक विजेता दिए। अनुदान खेल प्रदर्शन के आधार पर दिए जाएं।

सांसद ने विकसित भारत मॉडल पर सवाल उठाया। भुखमरी सूचकांक में भारत 102वें स्थान पर है। केंद्र खेलों के लिए सप्लीमेंट्री ग्रांट में कोई मांग नहीं लाया। जबकि 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी भारत करेगा।

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