चंडीगढ़, 24 जनवरी 2026: बिहार सरकार ने जमीन के निबंधन (रजिस्ट्री) से पहले भौतिक सत्यापन को और सख्त बनाने का फैसला लिया है। अब निबंधन की जाने वाली जमीन का सत्यापन भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) के माध्यम से किया जाएगा। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के सचिव अजय यादव ने सभी जिला अवर निबंधक और अवर निबंधक को इस संबंध में पत्र जारी किया है।
सचिव अजय यादव ने पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्थल निरीक्षण के दौरान पक्षकारों द्वारा दी गई जानकारी अक्सर गलत पाई जाती है। जमीन का वास्तविक क्षेत्रफल, उस पर बनी संरचना की श्रेणी और अन्य विवरण सही नहीं बताए जाते। इससे सरकार को राजस्व का पूरा नुकसान होता है। राजस्व क्षति को रोकने के लिए निबंधन से पहले दस्तावेजों का अनिवार्य रूप से स्थल निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही गुणवत्तापूर्ण सत्यापन के लिए जीआईएस तकनीक का उपयोग अनिवार्य किया जाए।
GIS (Geographic Information System) के जरिए जमीन की सैटेलाइट इमेज, मैपिंग और डिजिटल सर्वे के आधार पर सटीक जानकारी ली जा सकेगी। इससे जमीन का असली क्षेत्रफल, बाउंड्री, भूमि उपयोग और संरचनाओं का सही आकलन होगा। गलत घोषणा या छिपाई गई जानकारी तुरंत पकड़ी जा सकेगी।
सीओ मौनी बहन ने बताया कि इस व्यवस्था से राजस्व क्षति पर लगाम लगेगी। साथ ही जमीन से जुड़े विवादों में भी काफी कमी आएगी।
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