जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में लालू यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट में की अपील

by Manu
लालू यादव

पटना, 29 मई 2025: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने जमीन के बदले नौकरी घोटाले से जुड़े मामले में सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर और आरोपपत्रों को रद्द करने की मांग को लेकर गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

उनके वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कोर्ट में दलील दी कि सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत आवश्यक पूर्व मंजूरी नहीं ली, जो किसी लोक सेवक के खिलाफ जांच शुरू करने के लिए अनिवार्य है। इस वजह से एफआईआर, जांच और बाद के आरोपपत्र कानूनी रूप से टिकने योग्य नहीं हैं। सिब्बल ने कोर्ट से 2 जून को ट्रायल कोर्ट में होने वाली आरोपों पर बहस को स्थगित करने का भी अनुरोध किया।

वहीं, सीबीआई की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डी.पी. सिंह ने दलील दी कि लालू प्रसाद ने सार्वजनिक पद का दुरुपयोग किया, इसलिए धारा 19 के तहत मंजूरी ली गई थी, और धारा 17ए की मंजूरी जरूरी नहीं थी। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद, न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा ने कहा कि वह इस मामले में बाद में आदेश पारित करेंगे।

क्या है ये पूरा घोटाला?

यह मामला 2004-2009 के दौरान लालू प्रसाद के रेल मंत्री रहते हुए कथित तौर पर ग्रुप-डी नौकरियों के बदले जमीन लेने से जुड़ा है। सीबीआई ने मई 2022 में इस मामले में लालू, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटियों मीसा भारती, हेमा यादव और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

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