नई दिल्ली, 26 अगस्त 2025: झारखंड में बिहार के वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर हंगामा मचा हुआ है। झारखंड के संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विधानसभा में SIR के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया और इसे संसदीय लोकतंत्र को कमजोर करने और गरीबों व दलितों को उनके अधिकारों से वंचित करने की साजिश बताया। सत्तारूढ़ गठबंधन के बहुमत के कारण यह प्रस्ताव विधानसभा में स्वतः पारित हो गया, जैसा कि विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने बताया।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने SIR पर निशाना साधते हुए दावा किया कि इसके जरिए बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं को मतदाता बनाने की कोशिश हो रही है। इस मुद्दे पर सदन में इतना हंगामा हुआ कि कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।
कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने भी SIR की आलोचना की और कहा, “संविधान में बाबासाहेब ने हमें एक वोट का अधिकार दिया था, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार SIR के बहाने हमसे यह अधिकार छीनना चाहती है।”
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