Jeevan Jyot: लुधियाना में भीख मांगते 18 बच्चों का रैस्क्यू , कराया जाएगा DNA टेस्ट

by Manu
ऑपरेशन जीवन ज्योत

लुधियाना, 21 जुलाई 2025: लुधियाना में भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को बचाने और उनकी असली पारिवारिक स्थिति का पता लगाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। जिला प्रशासन और सामाजिक सुरक्षा विभाग ने मिलकर एक अभियान (Jeevan Jyot) शुरू किया है, जिसके तहत सड़कों पर भीख मांगते पाए गए बच्चों को रेस्क्यू करके उनका डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। इसका मकसद यह जानना है कि ये बच्चे अपने असली माता-पिता के साथ हैं या फिर मानव तस्करी और शोषण का शिकार हुए हैं।

इसी कड़ी में रविवार को जिला स्तरीय समिति और पुलिस ने लुधियाना के रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और चौड़ा बाजार जैसे इलाकों में विशेष अभियान चलाया। इस दौरान 18 बच्चों को रेस्क्यू कर सुरक्षित हिरासत में लिया गया। इन बच्चों के साथ मौजूद वयस्कों की पहचान की जांच की गई और उनके आधार कार्ड के जरिए जानकारी जुटाकर एक सूची तैयार की गई। अधिकारियों को शक है कि इनमें से कई बच्चे अपहरण या तस्करी का शिकार हो सकते हैं, जिन्हें लुधियाना लाकर जबरन भीख मंगवाया जा रहा है। इसकी पुष्टि के लिए डीएनए टेस्ट को एक मजबूत तरीके के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।

महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने पहले ही निर्देश दिए हैं कि अगर कोई बच्चा किसी वयस्क के साथ संदिग्ध परिस्थितियों में मिलता है, तो डीएनए रिपोर्ट आने तक उसे बाल कल्याण समिति की निगरानी में बाल देखभाल केंद्र में रखा जाएगा। यह अभियान ‘जीवन ज्योत-2’ (Jeevan Jyot) परियोजना के तहत चल रहा है, जिसका उद्देश्य बच्चों को शोषण और तस्करी से बचाना है।

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