रोहतक, 27 फरवरी 2026: जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान फरवरी 2016 में पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यू की दिल्ली बाईपास स्थित कोठी में आग लगाने के चर्चित मामले में सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने कुल 60 आरोपियों में से 56 को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।
सीबीआई ने इस मामले में 60 लोगों को आरोपी बनाया था। इनमें से तीन आरोपी विजेंद्र प्रदीप और सुमित की मौत हो चुकी है। एक आरोपी धर्मेंद्र हुड्डा को प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर (पीओ) घोषित किया गया है और वह अभी भी फरार है। बाकी 56 आरोपियों को कोर्ट ने क्लीन चिट दे दी है।
खास बात यह है कि इनमें से एक आरोपी रोहतक के खेड़ी साधी निवासी प्रदीप जो इस केस में जेल में बंद था आज रिहा किया जा सकता है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रदीप की रिहाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
यह मामला 19 फरवरी 2016 को जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा से जुड़ा है। भीड़ ने कैप्टन अभिमन्यू की कोठी पर हमला किया और उसे आग के हवाले कर दिया था। सीबीआई ने जांच के बाद कई गंभीर धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी लेकिन लंबी सुनवाई के बाद अधिकांश आरोपियों को सबूतों की कमी के आधार पर बरी कर दिया गया।
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