नई दिल्ली, 25 सितम्बर : अब भारतीय जवानों के हाथों में जल्द ही 35,000 एके 203 असाल्ट राइफलें पहुंचने जा रही हैं, जिसके साथ अब आतंकवादियों की खैर नहीं है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मेजर जनरल सुधीर शर्मा की अगुवाई में बनाई जा रही यह राइफलें अब सीमावर्ती इलाकों में तैनात भारतीय जवानों के हाथों में पहुंच गई हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत दिसंबर 2024 तक सेना को 20,000 और राइफलें दी जाएंगी। इस संबंधी जानकारी देते अधिकारियों ने बताया कि अगस्त 2023 में गहन चयन प्रक्रिया के बाद इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड का सीईओ और एमडी नियुक्त किया गया था। यह रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत एक रणनीतिक परियोजना है, जिसके तहत कंपनी रूस की कलाश्निकोव कंपनी से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के साथ भारत में 601,427 एके-203 राइफलें बनाएगी। एके-203 राइफल का उत्पादन उत्तर प्रदेश के अमेठी में स्थित फैक्ट्री में किया जा रहा है। यह संयंत्र प्रतिदिन 600 से अधिक राइफलें बनाने में सक्षम है। इससे भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता को मजबूती मिलेगी और देश को रक्षा निर्यात के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त होगा। मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत, भारत में निर्मित इन राइफलों को मित्र देशों को भी निर्यात किया जाएगा,जिसके साथ सुरक्षा घेरा और भी मजबूत होगा।
भारतीय जवानों को मिलेंगी एके 203 असाल्ट राइफलें
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