नई दिल्ली, 25 मार्च : भारत और चीन ने सीमा मुद्दे पर विशेष वार्ता के लिए सहमति जताई है, जिसमें विशेष प्रतिनिधियों (एसआर) की अगली बैठक के लिए ‘‘पर्याप्त तैयारी करने के वास्ते मिलकर काम करने पर चर्चा के लिए सहमति जताई। इस बैठक इस साल के अंत में राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित करने की तैयारी है। यह निर्णय भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) के ढांचे के तहत बीजिंग में आयोजित वार्ता के नये संस्करण में लिया गया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि डब्ल्यूएमसीसी की बैठक ‘‘सकारात्मक और रचनात्मक माहौल में हुई। दोनों पक्षों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति की ‘‘व्यापक समीक्षा की।
सीमा पर शांति व स्थिरता जरूरी
विदेश मंत्रालय ने कहा कि समग्र द्विपक्षीय संबंधों के सुचारू विकास के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता जरूरी है। समझा जाता है कि दोनों पक्षों ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी की समग्र स्थिति पर विचार-विमर्श किया। इस समय क्षेत्र में एलएसी पर दोनों पक्षों के करीब 50,000 से 60,000 सैनिक तैनात हैं। दिसंबर में डोभाल बीजिंग गए थे और सीमा मुद्दे पर एसआर वार्ता के ढांचे के तहत विदेश मंत्री वांग के साथ बातचीत की।