नई दिल्ली, 3 अप्रैल : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वक्फ संसोधन विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद करीब दो बजे मणिपुर में राष्ट्रपति शासन के संबंध में लोकसभा में वैधानिक प्रस्ताव पेश किया। बता दें कि लोकसभा ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की पुष्टि करने वाले सांविधिक संकल्प को बुधवार देर रात पारित कर दिया। हिंसाग्रस्त मणिपुर में 13 फरवरी को राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय के अनुरूप दो महीने के अंदर राष्ट्रपति शासन की पुष्टि के लिए एक सांविधिक संकल्प केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में प्रस्तुत किया।
मुख्यंमत्री एन बीरेन सिंह ने दिया था इस्तीफा
गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में कहा कि मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इस्तीफा दिया था, जिसके बाद राज्यपाल ने विधायकों से चर्चा की और बहुमत सदस्यों ने कहा कि वे सरकार बनाने की स्थिति में नहीं हैं. शाह ने कहा कि इसके बाद कैबिनेट ने राष्ट्रपति शासन की अनुशंसा की जिसे राष्ट्रपति महोदया द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया।
मणिपुर में जल्द शांति हो
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि मणिपुर में जल्द शांति हो, पुनर्वास हो और लोगों के जख्मों पर मरहम लगाया जाए. इसके अलावा गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में विपक्षी दलों से मणिपुर के मुद्दे पर राजनीति नहीं करने की अपील की। उल्लेखनीय है कि मणिपुर हिंसा के 21 महीने के बाद रविवार (9 फरवरी) को राज्य के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इंफाल के राजभवन में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को अपना त्यागपत्र सौंपा था।