नई दिल्ली, 7 अक्तूबर : राजस्थान के बारां में ‘स्वयंसेवक एकत्रीकरण’ कार्यक्रम को संबोधित करते राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि ‘हम यहां प्राचीन काल से रह रहे हैं, भले ही हिंदू शब्द बाद में आया। हिंदू सभी को गले लगाते हैं। उन्होंने कहा कि भाषाई, जातीय और क्षेत्रीय विवादों को मिटाकर हिंदू समाज को अपनी सुरक्षा के लिए एकजुट होना होगा। वे निरंतर संवाद के माध्यम से समरसता के साथ रहते हैं।’भागवत ने कहा कि आचरण में अनुशासन, राज्य के प्रति कर्तव्य और लक्ष्य के प्रति समर्पण आवश्यक गुण हैं। एक समाज केवल व्यक्तियों और उनके परिवारों से नहीं बनता, बल्कि उन व्यापक चिंताओं पर विचार करने से बनता है, जिनके माध्यम से कोई आध्यात्मिक संतुष्टि प्राप्त कर सकता है। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि संघ की कार्यप्रणाली यात्रिक नहीं, बल्कि विचारों पर आधारित है। इसलि हम सभी को हिंदू समाज के लिए एकजुट होना होगा।
हिंदू सभी को गले लगाते हैं : मोहन भागवत
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