चंडीगढ़, 14 मार्च 2026: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दोषी ठहराए गए 73 वर्षीय गुरदीप सिंह मनचंदा की सजा को निलंबित करते हुए अनोखी शर्त लगाई है। अदालत ने आदेश दिया है कि अपील लंबित रहने के दौरान मनचंदा को 20 पौधे लगाने होंगे और इनकी एक साल तक देखभाल करनी होगी। साथ ही पौधरोपण का प्रमाण फोटो के रूप में अदालत में पेश करना होगा।
चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने मनचंदा की अपील लंबित रहने के दौरान सजा निलंबित करने वाली अर्जी पर यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि अपील पहले ही स्वीकार की जा चुकी है और मामलों के भारी लंबित होने के कारण इसकी जल्द सुनवाई संभव नहीं है। ऐसे में अपील लंबित रहने के दौरान दोषी को लगातार जेल में रखना उचित नहीं होगा।
मनचंदा पर 30 जुलाई 2024 को ट्रायल कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में दोषी ठहराते हुए पांच साल के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। यह मामला वर्ष 2013 में फतेहगढ़ साहिब पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था।
याची की ओर से दलील दी गई कि जिस मूल आपराधिक मामले के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगा था उसमें ट्रायल कोर्ट ने फरवरी 2019 में मनचंदा को बरी कर दिया था। अन्य तीन संबंधित मामलों में भी उन्हें अदालत से राहत मिल चुकी है। बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि याचिकाकर्ता 73 वर्ष के हैं और कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं।
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