चंडीगढ़, 27 मार्च 2025: पहलवान से कांग्रेस विधायक बनीं विनेश फोगट को हरियाणा सरकार ने उनके सम्मान में बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने उन्हें अपनी खेल नीति के तहत तीन विकल्प दिए हैं- 4 करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के तहत एक भूखंड या फिर ‘ग्रुप ए’ की सरकारी नौकरी। यह निर्णय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। उन्हें इनमें से सिर्फ एक विकल्प चुनना होगा। अभी तक विनेश ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया है।
विनेश फोगट को ओलंपिक रजत पदक विजेता जैसा सम्मान
हरियाणा सरकार ने विनेश को ओलंपिक रजत पदक विजेता के बराबर लाभ देने का फैसला किया है। सीएम सैनी ने कहा, विनेश अब विधायक हैं, इसलिए हमने उनसे पूछने का निर्णय लिया है कि वह इनमें से कौन सा लाभ लेना चाहेंगी। दरअसल, पेरिस ओलंपिक 2024 में 50 किलोग्राम वर्ग के फाइनल से पहले वजन अधिक होने की वजह से विनेश को अयोग्य घोषित कर दिया गया था। उस वक्त सीएम सैनी ने ट्वीट कर वादा किया था कि विनेश हरियाणा की बेटी हैं और उनके सम्मान में कोई कमी नहीं होगी।
विधानसभा में उठाया था मुद्दा
चल रहे बजट सत्र के दौरान विनेश ने विधानसभा में इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ने कहा था कि मुझे रजत पदक विजेता की तरह सम्मानित किया जाएगा, लेकिन वह वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ।” भावुक होते हुए विनेश ने आगे कहा, “यह पैसे की बात नहीं, सम्मान की बात है। राज्य भर से लोग मुझसे कहते हैं कि आपको नकद पुरस्कार मिल गया होगा, लेकिन सच तो यह है कि अभी तक कुछ नहीं मिला।” उनकी इस बात ने सदन में मौजूद विधायकों का ध्यान खींचा और सरकार पर दबाव बढ़ा।
कैबिनेट में विशेष केस के तौर पर चर्चा
सीएम सैनी ने बताया कि विनेश के मामले को कैबिनेट में विशेष केस के रूप में लिया गया। उन्होंने कहा, पेरिस ओलंपिक में प्रक्रियागत कारणों से विनेश को अयोग्य ठहराया गया था। उस समय की परिस्थितियों को देखते हुए हमने फैसला किया था कि वह हरियाणा का गौरव हैं और उन्हें सम्मान मिलना चाहिए। आज कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी।
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