चंडीगढ़, 15 अप्रैल, 2025: ग्लोबल सिख काउंसिल (GSC) ने श्री गुरु तेग बहादुर जी, भाई मति दास जी और भाई सती दास जी के बलिदान को श्रद्धांजलि देते हुए विश्व भर के सिखों से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के ‘सहज पाठ’ में हिस्सा लेने की अपील की है। काउंसिल ने कहा कि गुरु साहिब के शहीदी दिवस, 24 नवंबर, 2025 से पहले सभी सहज पाठ पूरे कर लिए जाएं ताकि सामूहिक ‘पाठ दे भोग’ कार्यक्रमों में शामिल हुआ जा सके।
GSC की अध्यक्ष लेडी सिंह कंवलजीत कौर और हरजीत सिंह ग्रेवाल ने बयान में बताया कि इस पहल का मकसद गुरु तेग बहादुर जी की शहादत के बारे में जागरूकता फैलाना है, जिन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता, सदाचार और मानवता के लिए अपने प्राण दिए। यह अभियान गुरु जी के 115 ‘शबद’ और ‘श्लोकों’ के जरिए सिखों का आध्यात्मिक जुड़ाव बढ़ाने और उनकी शिक्षाओं पर चिंतन करने का प्रयास है।
काउंसिल ने सिखों से गुरबानी और गुरमत के सिद्धांतों को अपनाने, सच्चाई, करुणा और निस्वार्थ सेवा का जीवन जीने की अपील की। उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी की बाणी को रोजाना पढ़ने, समझने और जीवन में लागू करने का आह्वान किया, जो मानव एकता और शांति को प्रोत्साहित करती है।
GSC ने गुरु तेग बहादुर जी को ‘धर्म की चादर’ बताते हुए कहा कि उनकी शहादत ‘अत्याचार न करने और न सहने’ का प्रतीक है। सहज पाठ की यह पहल उनकी विरासत को जीवित रखने और गुरमत मूल्यों को फैलाने में मदद करेगी। काउंसिल ने गुरुद्वारों, सिख संस्थाओं और श्रद्धालुओं से 24 नवंबर, 2025 से पहले सहज पाठ पूरा करने और गुरबानी चिंतन कार्यक्रम आयोजित करने का अनुरोध किया है।
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