Fatty liver : क्यों बन रहा है यह आम समस्या और कैसे करें इसका इलाज?”

by Manu
Fatty Liver Treatment

आजकल, फैटी लिवर (Fatty liver) एक आम स्वास्थ्य समस्या बन गई है, जिसका निदान पेट की समस्याओं से जूझने वाले और अल्ट्रासाउंड करवाने वाले कई लोगों में होता है। इस स्थिति का मुख्य कारण हमारी गलत जीवनशैली और असंतुलित खान-पान की आदतें हैं।

लिवर शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो मस्तिष्क के बाद सबसे ज़्यादा कार्य करता है। लिवर का मुख्य कार्य शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालना, पित्त और बिलीरुबिन का उत्पादन करना, पाचन क्रिया में मदद करना और विटामिनों का भंडारण करना है। इसके अलावा, लिवर की सबसे खास बात यह है कि यह अपनी क्षति के बावजूद खुद को फिर से स्वस्थ करने की क्षमता रखता है।

फैटी लिवर (Fatty liver) क्या है?

फैटी लिवर (Fatty liver) उस स्थिति को कहते हैं जब लिवर की कोशिकाओं में वसा का संचय होने लगता है।

फैटी लिवर के प्रकार:

  1. अल्कोहलिक फैटी लिवर: यह स्थिति शराब के अत्यधिक सेवन से होती है, जिससे लिवर की कोशिकाओं में वसा और विषाक्त पदार्थ जमा हो जाते हैं।
  2. नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर: इसमें लिवर की कोशिकाओं में वसा तो जमा होती है, लेकिन यह लिवर की कोशिकाओं को गंभीर नुकसान नहीं पहुँचाती है।

फैटी लिवर के कारण

  1. अत्यधिक कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ: जैसे समोसा, छोले भटूरे, पाव भाजी, चिप्स, बेकरी उत्पाद और तले-भुने खाद्य पदार्थ।
  2. मोटापा: अधिक वजन बढ़ने से शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है, जो फैटी लिवर का कारण बन सकता है।
  3. बदतर रक्त शर्करा और रक्तचाप: ये दोनों लिवर के कार्यों को प्रभावित कर सकते हैं।
  4. उच्च ट्राइग्लिसराइड्स: उच्च ट्राइग्लिसराइड्स लिवर में वसा के संचय का कारण बन सकते हैं।
  5. शराब: शराब का अत्यधिक सेवन लिवर के विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने की क्षमता को कमजोर करता है, जिससे लिवर में वसा का संचय होता है। यह स्थिति लिवर फेलियर और सिरोसिस तक पहुँच सकती है।

फैटी लिवर के लक्षण:

  1. हल्का पेट दर्द, विशेषकर भोजन के बाद।
  2. भूख में कमी और पेट का भरा हुआ महसूस होना।
  3. कमजोरी, मतली, और वजन में कमी।
  4. त्वचा और आंखों का पीला पड़ना या मल का पीला रंग होना।
  5. पेट में सूजन या तरल पदार्थ का जमा होना।

फैटी लिवर (Fatty liver) का उपचार

फैटी लिवर (Fatty liver) का उपचार जीवनशैली में बदलाव करने से संभव है, जिनमें शामिल हैं:

  • वजन नियंत्रण: उचित आहार और नियमित व्यायाम से वजन कम करना।
  • व्यायाम: रोजाना कम से कम 30 मिनट की हल्की से मध्यम व्यायाम।
  • खानपान में सुधार: तले हुए और अत्यधिक कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों से बचना।
  • फाइबर युक्त आहार: मक्का, बाजरा, जौ, रागी जैसे अनाज और दालों का सेवन बढ़ाना।
  • फलों का सेवन: सेब, पपीता, संतरा, कीवी जैसे फल लाभकारी होते हैं।
  • शराब से परहेज़: यदि फैटी लिवर का कारण शराब है, तो इसका सेवन पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए।

घरेलू उपचार

  1. एक गिलास गुनगुने पानी में एलोवेरा जूस, आंवला जूस और गिलोय जूस मिलाकर सुबह खाली पेट पिएं।
  2. मल्टीविटामिन से मिलने वाले विटामिन E और C फैटी लिवर को ठीक करने में मदद कर सकते हैं।
  3. पत्तागोभी, हल्दी, चुकंदर, अंगूर, मूली और पपीते का सेवन बढ़ाएं।
  4. कुटकी, कालमेघ, पुनर्नवा, सेब साइडर सिरका और दालचीनी जैसे घरेलू उपायों का भी उपयोग किया जा सकता है।

फैटी लिवर (Fatty liver) एक ऐसी स्थिति है जिसे ठीक किया जा सकता है। जीवनशैली और खानपान में बदलाव के साथ-साथ उचित इलाज और डॉक्टर की सलाह से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। अनदेखी करने पर यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं जैसे लिवर फेलियर और सिरोसिस का कारण बन सकता है। इसलिए, समय रहते अपने लिवर का ख्याल रखना बेहद ज़रूरी है।

डॉ. वरिंदर कुमार

सुनाम, उधम सिंह वाला

ये भी देखे: Tips for deep sleep : गहरी नींद के लिए अपनाए ये आयुर्वेदिक उपाय और सामान्य आदतें

You may also like