डी.ए.पी के बदल के तौर पर अन्य खादों को पहल दे सकते हैं किसान
– किसान खादों का प्रयोग माहिरों की राय अनुसार करें : मुख्य कृषि अफसर
पटियाला : मुख्य कृषि अफसर डा. जसविन्दर सिंह ने किसानों को खादों का प्रयोग खेती माहिरों की सलाह के साथ और पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी की सिपुारिशोंं अनुसार करने की अपील करते कहा की खादों की अनावश्यक प्रयोग करने के साथ जमीन की उपजाऊ शक्ति पर बुरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि फास्फोर्स के बदल के तौर पर एनपीके व अन्य खादों का प्रयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसान गेहूं की बिजाई समय डी.ए.पी के बदल वाली खादों का प्रयोग करके गेहूं की बिजाई करें।
उन्होंने कहा कि फसलों की अवशेष को जमीन में जोत कर भी खादों के प्रयोग को घटाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि खेतीबाड़ी विभाग की गठित टीमों की ओर विभिन्न जगहों परभी चैकिंग की जा रही है ताकि कोइ्र भी खाद विक्रेता डीएपी खाद या अन्य खादों के साथ किसानों को कोई अन्य गैर जरूरी खादें, दवाईयां ना दें।
उन्होंने कहा कि गेहूं की काश्त के लिए फास्फोरस खुराकी तत्व की जरूरत होती है, जिसकी पूर्ति के लिए किसानों द्वारा डीएपी खाद की बिजाई समय प्रयोग किया जाता है। उन्होंने बताया कि डीएपी खाद के बदल के तौर पर किसान खाद, ट्रिपल सुपर फासफेट खाद, सिंगल सुपर फासफेट तथा अन्य फासफैटिक खादों का भी प्रयोग किया जा सकता है ।
डी.ए.पी के बदल के तौर पर अन्य खादों को पहल दे सकते हैं किसान
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