पटियाला, 11 अप्रैल : नगर निगम की सबसे ताकतवर फाईनांस एंड कंट्रैक्ट कमेटी को ले कर पटियाला की राजनीति में घसमान मचा हुआ है और यह मामला हाईकमांड के मुख्य मंत्री के दरबार में पहुँच गया है। गत कल एफ. एंड. सी. सी का मैंबर गुरजीत सिंह साहनी को बनाए जाने के बाद देर रात मेयर ने जुबानी आदेशों के बाद एफ. एंड. सी. सी को अगले आदेशों तक रद्द कर दिया है। नगर निगम के समुचे फाईनांस मैटर एफ.एंड.सी.सी तय करती है। मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर, कमिश्नर से बिना इस में दो अन्य मैंबर होते हैं। इन मैंबरों में पहले सेहत मंत्री के दफ्तर इंचार्ज जसवीर सिंह गांधी और पटियाला शहरी के प्रधान तेजिन्दर मेहता का नाम बोल रहा था हालांकि लिखित आर्डर नहीं थे हुए। गत कल जब एफ. एंड. सी. सी. की मीटिंग के लिए एजेंडा जारी किया गया, उसमें से तेजिन्दर मेहता का नाम हटा कर गुरजीत सिंह साहनी का नाम आ गया, जिस कारण पूरे पटियाला अंदर राजनैतिक घसमान मच गया। देर रात मेयर ने मचे राजनैतिक घसमान के मद्देनजर एफएंडसीसी की मीटिंग को अगले आदेशों तक रद्द कर दिया है। अब जानकारी अनुसार इस मुद्दे को ले कर तेजिन्दर मेहता की फिर एंट्री करवाने के लिए समाना के विधायक, एक चेयरमैन और एक दो अन्य राजनैतिक नेताओं की मीटिंग हुई है कि गुरजीत सिंह साहनी को बाहर का रास्ता दिखा कर किसी तरह तेजिन्दर मेहता की एंट्री करवाई जाए। हालांकि इस मुद्दे पर कोई भी कुछ खुलकर बोलने के लिए तैयार नहीं है परन्तु अंदर खाते तोपों के मुंह आमने सामने हैं।
सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर और डा. गांधी हैं डा. बलबीर सिंह के कोटे बीच में से
जिस समय मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव हुआ था, उस समय भी ऐसा राजनैतिक घसमान मचा था, हालांकि मेयर की दौड़ में कई दावेदार थे परन्तु हाईकमांड ने मेयर के लिए पार्टी के टकसाली नेता कुंदन गोगिया को मेयर के लिए चुना था। कुंदन गोगिया ने पार्टी के लिए सब से ज्यादा सेवा की है और उनकी छवि भी ईमानदार है। यही कारण रहा कि उस समय बाकी सभी को पछाड़ कुंदन गोगिया को मेयर बनाया गया। सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर और एफ. एंड. सी. सी. मेंबर जसवीर सिंह गांधी तीनों पटियाला दिहाती के हैं और तीनों ही सीधे तौर पर डा. बलबीर सिंह के खासमखास हैं। पटियाला शहरी से विधायक अजीतपाल सिंह कोहली के खेमे के 25 के लगभग पार्षद हैं परन्तु उन्होंने उस समय भी पार्टी के आगे सिर झुकाया था। यही कारण रहा कि उनके खासमखास गुरजीत सिंह साहनी जोकि मेयर के दावेदार थे, को अब हांईकमांड और सीएम दरबार ने एफ. एंड. सी. सी. का मैंबर बनाया है।
लड़ाई और गर्माने की संभावना स्पैशल इनवायटी बनाए जा सकते हैं मैंबर
आने वाले दिनों के अंदर यह लड़ाई ओर गर्माने की संभावना है। गत सरकार में भी एफएंडसीसी की मीटिंग में रोला पड़ा था, उस समय एक मैंबर को स्पैसल इनवायटी मैंबर बना दिया गया था। जिस के साथ यह मैंबर मीटिंग में शामिल हो सकता है। अपनी बात भी रख सकता है परन्तु एजेंडे में साईन नहीं कर सकता। अब एक दो नाराज मैंबरों को स्पैशल इनवायटी मैंबर भी बनाया जा सकता है।