पश्चिम एशिया संकट पर दोनों सदनों में बोले विदेश मंत्री जयशंकर, विपक्ष ने किया हंगामा

by Manu
जयशंकर

नई दिल्ली, 09 मार्च 2026: राज्यसभा में विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने पश्चिम एशिया के बढ़ते तनाव और ऊर्जा संकट पर बयान दिया। विपक्षी सांसदों की नारेबाजी और हंगामे के बीच उन्होंने कहा कि सरकार इस क्षेत्र में स्थिति को लेकर बेहद गंभीर है। भारत ने 20 फरवरी को ही बयान जारी कर सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की थी।

जयशंकर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रहे हैं। संबंधित मंत्रालय आपस में समन्वय कर रहे हैं ताकि सही और समय पर कदम उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि यह विवाद भारत के लिए बड़ी चिंता का विषय है। खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ भारतीय काम कर रहे हैं। ईरान में भी हजारों भारतीय छात्र और कर्मचारी मौजूद हैं।

यह इलाका भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां से तेल और गैस की मुख्य आपूर्ति होती है। सप्लाई चेन में कोई रुकावट आना गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। विदेश मंत्री ने चेतावनी दी कि विवाद लगातार बढ़ रहा है जिससे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति बिगड़ गई है। इसका असर आम लोगों की जिंदगी और कारोबार पर पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि इस संकट में भारत ने दो नाविकों को खो दिया है। एक नाविक अभी भी लापता है। ये नाविक मर्चेंट शिपिंग से जुड़े थे। सरकार भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

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