पटियाला, 16 अप्रैल : पावरकाम की सब डिवीजनों में स्टाफ की भारी कमी होने के कारण आज पटियाला स्थित कैंट सब डिविजन के मुलाजिमों ने रोष धरना लगाकर मैनेजमेंट खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांग की कि तुरंत स्टाफ को पूरा किया जाए। कैंट सब डिविजन के मुलाजिमों ने कहा कि उनकी सब डिविजन में इस समय 35-40 प्रतिशत स्टाफ है। हालात यह हैं कि मुलाजिम 24- 24 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं और उन को कोई छुट्टी भी नहीं मिल रही, जिस कारण पिछले दिनों कई मुलाजिम बेहोश हो गए थे। इन मुलाजिमों का कहना है कि हालात बद से बदतर हुए पड़े हैं, सीनियर अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे। कैंट सब डिविजन के अधिकारी इस सम्बन्धित कई बार अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भी भेज चुके हैं परन्तु जानबूझ कर कैंट सब डिविजन में स्टाफ नहीं लगाया जा रहा और बाकी सब डिवीजनों में भी हालात बेहद बुरे हैं। कैंट सब डिविजन के हालात यह हैं कि सब डिविजन में 6 जेईओं में से 3 जेई काम कर रहे हैं, 31 लाईनमैन की पोस्टों में से सिर्फ 13 लाईनमैन हैं, 55 एएलएम की पोस्टों में से सिर्फ 6 एएलएम हैं और 49 खाली पड़ीं हैं। इसी तरह कलैरीकल स्टाफ की भी 8 पोस्टें खाली हैं। यानि कि 70 प्रतिशत स्टाफ सब डिविजन अंदर नहीं है। धरनाकारियों का कहना है कि बड़ी स्टाफ शौर्टेज के कारण उसका प्रभाव उनके परिवार पर पड़ रहा है। कई कर्मचारी काम के बोझ कारण बीमार हो गए हैं और मैडीकल लीव पर चले गए हैं। धरनाकारियों का कहना है कि यदि कल को कोई अतिरिक्त बोझ के कारण कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी एक्सियन की होगी।
ईस्ट डिविजन के एक्सियन कुंभकरनी नींद सोए
कैंट सब डिविजन ईस्ट डिविजन के अंडर पड़ती है, जहां कि आज कल एक एक्सियन तैनात हैं। इस एक्सियन डिविजन के अंडर 5 सब डिवीजनें पड़तीं हैं। असल में एक्सियन अपनी बनती ड्यूटी नहीं निभा रहे, जिस कारण सब से ज्यादा प्रभाव सब डिवीजनों पर पड़ रहा है। मुलाजिम अपने एसडीओ द्वारा एक्सियन तक पहुँच कर रहे हैं कि उनको स्टाफ मुहैया करवाया जाये। एक्सियन अपने हायर अधिकारियों को बताने में नाकाम साबित हो रहे हैं, जिस कारण यह काटो कलेश पड़ा हुआ है। एसी दफ्तर से बाहर एक्सियन सोहब निकलना नहीं चाहते, जिसका प्रभाव आम कर्मचारियों पर पड़ रहा है।
एक्सियन दफ्तर में 15 से ज्यादा फील्ड के अधिकारी तैनात
एक्सियन ईस्ट डिविजन में इस समय 15 के करीब टैकनिकल कर्मचारी डैपुटेशन पर ऐक्सियन साहेब ने तैनात किए हैं। इनमें जेई, लाईनमैन और ओर स्टाफ भी है। जहां एक तरफ गर्मी का सीजन शुरू होने के बाद पूरी तरह मारो मारी हो रही है, सब डिवीजनों अंदर वर्क लोड़ बढ़ चुका हैं। मुलाजिमों को 24 घंटे ड्यूटियां करनीं पड़ रही हैं, उस समय पर जेई और ओर फील्ड स्टाफ को अपने कलैरीकल दफ्तर में तैनात करना बहुत बड़ा भारी गुनाह है। यदि यह 15 सदस्यों का स्टाफ फील्ड अंदर चला जाए तो फील्ड के कर्मचारियों को बड़ी सहायता मिल सकती है।
एसी दफ्तरों में बैठ कर कर्मचारी ले रहे हैं फील्ड भत्ते
एक्सीयन दफ्तर में तैनात टैकनिकल कर्मचारी एसी दफ्तरों में बैठते हैं। इन दफ्तरों में उनकी कोई बहुती जरूरत भी नहीं है। यह सभी ऐक्सियन साहेब की मेहरबानी के साथ बैठे हैं। हालत यह हैं कि एसी दफ्तरों में बैठे वह फील्ड के सभी भत्ते लेते हैं। टैकनिकल कर्मचारियों को जिनमें जेइ, लाईनमैन आते हैं, उनको पेट्रोल, डीज़ल भत्ते समेत बहुत से भत्ते मिलते हैं क्योकि वह सारा दिन धूप, गर्मी, सर्दी में पोलों पर चढक़र बाजारों में ले जाकर लोगों की सेवा करते हैं परन्तु यहाँ ऐक्सियन साहेब की मेहरबानी के साथ बहुत से कर्मचारी बुल्ले लूट रहे हैं।
मुलाजिमों ने पावर सैक्ट्री को की अपील
इस मौके मुलाजिमों ने पावरकाम और ट्रांसको के पावर सैक्ट्री जिनके पास पावरकाम का चेयरमैन का चार्ज भी है, से अपील की है कि दफ्तरों में बैठे टैकनिकल स्टाफ को हटा कर तुरंत फील्ड में भेजा जाए, जिससे फील्ड के मुलाजिमों को कुछ राहत मिल सके। इन मुलाजिमों का कहना है कि एक तरफ मुलाजिम धूप, गर्मी में मरते हुए हैं, दूसरी तरफ मुलाजिम दफ्तरों अंदर बैठ कर आनंद ले रहे हैं।
किसी दफ्तर में कोई कर्मचारी नहीं रहने दिया जायेगा : चीफ इंजीनियर
इस सम्बन्धित जब चीफ इंजीनियर श्री मित्तल के साथ संपर्क बनाया तो उन्होंने कहा कि उनके ध्यान में नहीं था कि ऐक्सियन दफ्तर में टैकनिकल मुलाजिम हैं, वह इसकी रिपोर्ट लेंगे और इन मुलाजिमों को वापस भेजा जायेगा। उन्होनें कहा कि हम मुलाजिमों के साथ हैं, ओवरआल ही मुलाजिमों की बहुत शोरटेज चल रही है। इस सम्बन्धित पावरकाम ने पहले भी एएलएम की भरती की है और आने वाले समय अंदर भी यह भरती हो रही है, जिस के साथ स्टाफ को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों को आदेश देंगे कि ख़ुद जाकर फील्ड में टैकनिकल मुलाजिमों की समस्याओं को सुने।