पिछले 11 महीने से नहीं हो सकी रैगुलर वीसी की नियुक्ति
पटियाला, 15 फरवरी : पिछले 11 महीनों से पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में रेगुलर वाइस चांसलर की नियुक्ति ना होने के कारण पीयू के समूचे कामों को ब्रेकें लग चुकीं हैं, जिस कारण चारों तरफ हाहाकार मची पड़ी है। उल्लेखनीय है कि 25 अप्रैल 2024 को यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफैसर अरविन्द की विदाई हो गई थी और उसके बाद आज तक असमंजस जारी है। दूसरी तरफ से जानकारी अनुसार पंजाब के राज्यपाल ने दूसरी बार फिर वीसी सम्बन्धित फाइल सरकार को वापिस कर दी है और इस सम्बन्धित चर्चा बेहद जोरों पर है। पंजाब सरकार ने पंजाबी यूनिवर्सिटी के वीसीके लिए कई महीने पहले अर्जियां मांगीं थी, जिसके बाद यूनिवर्सिटी के तीन सीनियर प्रोफैसरों का पैनल राज्यपाल को गया था। इन तीन सीनियर प्रोफैसरों में डा. पुशपिन्दर गिल, डा. वरिन्दर कौशिक और डा. गुरदीप बत्रा थे। यह तीनों ही प्रोफैसर पंजाबी यूनिवर्सिटी के सीनियर मोस्ट प्रोफैसर और तजुर्बेकार अधिकारी हैं। डा. पुशपिन्दर गिल यूनिवर्सिटी के अकैडमिक डीन रह चुके हैं। इसी तरह डा. गुरदीप बत्रा भी यूनिवर्सिटी के अकैडमिक डीन और डा. वरिन्दर कौशिक यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार रहे।
पंजाब सरकार ने पंजाबी यूनिवर्सिटी के वीसी सम्बन्धित अपनी तरफ से पूरी कोशिश करके यह तीनों ही महारथी ढूंढ कर भेजे थे, जो कि हर काम में पूरी तरह परफेक्ट हैं। पहले भी राज्यपाल ने फाइल वापिस मोड़ दी थी। अब सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार फिर राज्यपाल ने दूसरी बार पंजाब सरकार की तरफ से वाइस चांसलर सम्बन्धित भेजी फाइल वापिस कर दी है, जिसने पंजाब सरकार की सिदर्दी बढ़ा दी है। अब देखना यह होगा कि पंजाब के मुख्य मंत्री और शिक्षा मंत्री इस सम्बन्धित खुद राज्यपाल को मिलते हैं, जिससे यूनिवर्सिटी को नया वाइस चांसलर मिल सके।
– फाइल वापिस आने सम्बन्धित मैं चैक करूंगा : शिक्षा मंत्री
इस सम्बन्धित जब पंजाब के उच्च शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के साथ संपर्क बनाया तो उन्होंने कहा कि हमने दूसरी बार जो राज्यपाल ने आबजेक्शन लगाए थे, उनको रिमूव करके वाइस चांसलर सम्बन्धित फाइल भेजी थी और हमें इसके पास होने की पूरी उम्मीद थी परन्तु अब यह सूचना मिल रही है कि फाइल वापिस आ रही है। इस सम्बन्धित वह चैक करेंगे। उन्होंने कहा कि हम खुद चाहते हैं कि यूनिवर्सिटी को जल्द से जल्द वाइस चांसलर मिले, जिससे समुचे कामों में तेजी लाई जा सके।
रैगुलर वीसी न होने के कारण पंजाबी यूनिवर्सिटी के समुचे कामों को लगी ब्रेकें
दूसरी बार राज्यपाल की तरफ से वीसी की फाइल मोडऩे के चर्चांे ने सभी के होश उड़ाए
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