कलाओं के साथ जुडऩे के कारण मनुष्य का दायरा विशाल होता : प्रो. संजीव पुरी

by TheUnmuteHindi
कलाओं के साथ जुडऩे के कारण मनुष्य का दायरा विशाल होता : प्रो. संजीव पुरी

पटियाला, 20 मार्च : कलाओं के साथ जुडऩे के कारण मनुष्य की दृष्टि और दायरा विशाल हो जाता हैं। यह विचार पंजाबी यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रो. संजीव पुरी ने पंजाबी यूनिवर्सिटी में रबाबी भाई मर्दाना शास्त्री संगीत सम्मेलन के पहले दिन की प्रधानगी करते कहे।
यूनिवर्सिटी की गुरमति संगीत चेयर की तरफ से करवाया जा रहा तीन दिवसीय 11वां रबाबी भाई मर्दाना शास्त्री संगीत सम्मेलन को संबोधन करते हुए प्रो. पूरी ने यूनिवर्सिटी में चलते पांच साला एकीकृत कोर्सांे का विशेष जिक्र करते कहा कि अंतर- अनुशासनी पहुंच के साथ मानव का दायरा बढ़ जाता है। ऐसा होने के साथ उस के आगे बढऩे की संभावनाओं में भी विस्तार होता है। उन्होंने इस प्रोग्राम की प्रशंसा करते कहा कि दशक से अधिक समय से यह सम्मेलन जारी है जो अपने आप में एक प्राप्ति है। गुरमति संगीत चेयर के मुखी डॉ. अलंकार ने अपने स्वागती शब्दों दौरान बताया कि इस सम्ेमलन में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय प्रसिद्धी प्राप्त शास्त्री संगीतकार भाग ले रहे हैं।

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