पंजाबी यूनिवर्सिटी में डा. गंडा सिंह यादगारी भाषण करवाया

by TheUnmuteHindi
पंजाबी यूनिवर्सिटी में डा. गंडा सिंह यादगारी भाषण करवाया

पंजाबी यूनिवर्सिटी में डा. गंडा सिंह यादगारी भाषण करवाया
पटियाला, 3 फरवरी : प्रसिद्ध इतिहासकार डा. सुरिन्दर सिंह ने कहा कि सूफी काव्य ने मनुष्य में उच्च नैतिक मूल्य पैदा करने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वह पंजाबी यूनिवर्सिटी के इतिहास और पंजाब इतिहास अध्ययन विभाग की तरफ से करवाए गए डा. गंडा सिंह यादगारी भाषण के दौरान अपने विचार प्रकट कर रहे थे। यूनिवर्सिटी के सैनेट हाल में हुए इस भाषण दौरान बोलते उन्होंने 13वीं सदी में लाल शाहबाज कलंदर की रचनाओं के आधार पर सूफीवाद के विकास बारे विस्तार में बात की। उन्होंने अपने भाषण में इस बात पर जोर दिया कि सूफ़ी काव्य में मानवीय नैतिक मूल्यों को हमेशा ही उचाया गया है। प्रोफैसर सुरिन्दर सिंह ने अपने भाषण में 13वीं सदी के जटिल आध्यात्मिक दृश्य की आलोचना की, जिस में खास तौर पर पंजाबी रहस्यवाद में एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली शख्सियत लाल शाह बाज कलंदर के गहरे योगदान पर ध्यान केंद्रित किया गया। उल्लेखनीय है कि लाल शाहबाज कलंदर, जोकि शेख फरीद के समकाली थे, मुख्य तौर पर मुलतान के क्षेत्र में रहते थे, जोकि सभ्याचारक और अध्यात्मक आदान प्रदान का एक एतिहासिक केंद्र था। डॉ. सिंह ने बताया कि अपने जीवन दौरान, उनको कुल 42 गजलों की रचना की। उन्होंने बताया कि लाल शाहबाज कलंदर की गजलों का सभी परमात्मा की असली अस्तीत्व के केंद्रीय विषय के पास घूमता है। प्रोफैसर सुरिन्दर सिंह ने लाल शाहबाज कलंदर द्वारा अपनी रचनाओं में, खास कर कुरान की व्याख्या में अपनाई गई सूक्ष्म पहुंच पर जोर दिया।

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