केदारनाथ,2 मई 2025: हिमालय के मंदिर केदारनाथ के कपाट शुक्रवार को खोले गए है। जिसमें 12,000 से अधिक तीर्थयात्री शामिल हुए है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अधिकारियों ने बताया कि 11,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित मंदिर के द्वार सुबह सात बजे खोले गए है।
54 किस्मों के 108 क्विंटल फूलों से सजाया गया मंदिर
हिमालय के मंदिर को 54 किस्मों के 108 क्विंटल फूलों से सजाया गया था। जिसमें नेपाल, थाईलैंड और श्रीलंका जैसे विभिन्न देशों से लाए गए गुलाब और गेंदा के फूल शामिल थे। चार धाम मंदिरों में से केदारनाथ, जो 11वां ज्योतिर्लिंग भी है, भक्तों की सबसे बड़ी भीड़ खींचता है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह चार धाम सर्किट में तीसरा मंदिर है जिसे शीतकालीन अवकाश के बाद खोला गया है। गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर 30 अप्रैल को खोले गए थे और बद्रीनाथ 4 मई को खुलेंगे। बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी हरीश गौड़ ने बताया कि केदारनाथ के कपाट खोलने की प्रक्रिया सुबह पांच बजे शुरू हुई।
पूजा मे भाग लेने वाले पुजारी
रावल (मुख्य पुजारी) भीमाशंकर लिंग, पुजारी बागेश लिंग, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, BKTC के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती, धर्मगुरुओं और वेदपाठियों ने पूर्वी द्वार से मंदिर में प्रवेश किया और कपाट खुलने से पहले मंदिर के गर्भगृह के द्वार की पूजा में भाग लिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उद्घाटन समारोह में शामिल हुए और मंदिर के कपाट खुलने के बाद सबसे पहले पूजा-अर्चना की तथा सभी की खुशहाली और समृद्धि की प्रार्थना की। यह मंदिर, जहां हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं। सर्दियों के महीनों के दौरान बंद रहता है।
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