मोदी कालेज में पत्रकार और लेखक निरुपमा दत्त के साथ डिजिटल लैंडस्केप में साहित्य पढऩा विषय पर विचार विमर्श

by TheUnmuteHindi
मोदी कालेज में पत्रकार और लेखक निरुपमा दत्त के साथ डिजिटल लैंडस्केप में साहित्य पढऩा विषय पर विचार विमर्श

मोदी कालेज में पत्रकार और लेखक निरुपमा दत्त के साथ डिजिटल लैंडस्केप में साहित्य पढऩा विषय पर विचार विमर्श
पटियाला, 20 फरवरी : मुल्तानी मल कर मोदी कालेज के अंग्रेजी विभाग ने आज प्रसिद्ध पत्रकार, अनुवादक और लेखक निरूपुमा दत्त के साथ एक वार्तालाप का आयोजन किया। यह समागम फेकल्टी की तरफ से विद्यार्थियों के लिए डिजिटल लैंडस्केप में साहित्य पढऩा विषय पर आयोजित एक बौद्धिक चर्चा था। यह चर्चा साहित्य और डिजिटल मीडिया के बीच अंत्र- सम्बन्ध को समझने और इस मुद्दे पर अलग- अलग द्रिष्टीकोणों बारे जागरूक करने के लिए आयोजित की गई थी।
मुल्तानी मल मोदी कालेज के प्रिंसिपल डा. नीरज गोयल ने विद्वान प्रवक्ता का स्वागत किया और डिजिटल युग में साहित्य पढऩे की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, आज के तेज रफ्तार संसार में, चुनौती सिर्फ पढऩा ही नहीं है, बल्कि हम जो पढ़ते हैं उस के साथ अर्थपूर्ण तौर पर जुडऩा भी है। साहित्य हमें विभिन्न द्रिष्टीकोणों की आलोचना करने, आलोचनात्मक सोच विकसित करने और दूसरों के प्रति हमदर्दी को उत्साहित करने की प्रेरणा देता है। अंग्रेजी विभाग के प्रमुख डा. वनीत कौर ने शख्सीयत निर्माण में साहित्य और पढऩे की भूमिका बारे विद्यार्थियों के साथ विचार सांझे किए। उन्होंने टिप्पणी करते कहा, साहित्य समाज का आइना होता है जो अलग- अलग सभ्याचारों और विचारों के लिए एक पुल की तरह काम करता है। उन्होंने कहा कि लेखनी और पत्रकारिता दोनों में, कहानी बुनने के लिए साहित्य का गहरा अध्ययन करना पहली शर्त है। उन्होंने कहा कि रिवायती और डिजिटल साहित्य, दोनों को अपनाने के साथ मानवीय अनुभव की हमारी समझ को और गहरा किया जा सकता है। भाषण के बाद वह विद्यार्थियों के सवालों को मुखातिब हुए और उन्होंने वार्तालाप रचाते अपने साहित्यक अनुभवों के जरिए विद्यार्थियों और अध्यापकों के अकादमिक अध्ययन के साथ एकसुरता पैदा की।

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