PGI चंडीगढ़ में ‘डिजी सेवा’ से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, मरीजों के लिए सहज पंजीकरण प्रक्रिया

by Manu
PGI Chandigarh Digi Seva

चंडीगढ़, 17 फ़रवरी 2025: PGI चंडीगढ़ स्थित स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (PGIMER) ने मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है। ‘डिजी सेवा PGI’ के तहत, अस्पताल पंजीकरण प्रक्रिया को आसान और सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ प्राथमिकता आधारित डॉक्टर परामर्श की शुरुआत की गई है। इस सेवा के तहत, तत्काल चिकित्सा जरूरतों वाले रोगियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे स्वास्थ्य सेवा में सुधार और प्रतीक्षा समय में कमी आने की संभावना जताई जा रही है।

PGI: डिजी सेवा के प्रमुख लाभ

पीजीआई के निदेशक प्रोफेसर विवेक लाल ने शनिवार को इस सेवा की पूर्ण शुरुआत की। डिजी सेवा के तहत मरीजों को कई सुविधाएं मिलेंगी, जिनमें सहज ऑनलाइन पंजीकरण, वास्तविक समय पर नियुक्ति बुकिंग, स्वचालित सूचनाएं और प्राथमिकता आधारित परामर्श शामिल हैं। इन सेवाओं से अस्पताल के प्रशासनिक कार्यों का बोझ कम होगा और डॉक्टरों को अधिक समय मरीजों की देखभाल में लग सकेगा।

प्राथमिकता आधारित परामर्श से मरीजों को मिलेगा लाभ

प्रोफेसर विवेक लाल ने इस पहल को रोगी केंद्रित स्वास्थ्य सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उनका कहना था कि प्राथमिकता आधारित परामर्श से यह सुनिश्चित होगा कि तत्काल उपचार की आवश्यकता वाले मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता मिले, जिससे अस्पताल जाना न सिर्फ आसान बल्कि अधिक कुशल भी हो जाएगा।

PGI: इंटरनेट से पंजीकरण और अपॉइंटमेंट बुकिंग की प्रक्रिया

पीजीआई (PGI) प्रशासन के उप निदेशक पंकज राय के अनुसार, मरीज अब http://www.pgimer.edu.in पर जाकर डिजी सेवा का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस सेवा में पंजीकरण, अपॉइंटमेंट बुक करना और नियुक्ति की पुष्टि प्राप्त करना आसान होगा। पंकज राय ने बताया कि यह सेवा न केवल उपयोगकर्ता के अनुकूल है बल्कि यह सुरक्षित और कई भाषाओं में उपलब्ध है, जो इसे सभी मरीजों के लिए सुलभ बनाता है। यह पहल राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य लक्ष्यों के अनुरूप है और स्मार्ट हेल्थकेयर सेवाओं का एक नया मानक स्थापित करेगी।

क्यू में घंटों इंतजार की समस्या का समाधान

पीजीआई अधिकारियों के अनुसार, संस्थान में प्रतिदिन 10,000 से अधिक ओपीडी पंजीकरण होते हैं, जिसके कारण मरीजों को पंजीकरण के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। मरीजों की अधिक संख्या और अस्पताल के बुनियादी ढांचे पर दबाव के कारण डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों पर भी बोझ बढ़ जाता है, जिससे मरीजों की देखभाल प्रभावित होती है। डिजी सेवा से इन समस्याओं का समाधान होने की उम्मीद है और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

डिजी सेवा से स्वास्थ्य सेवा का भविष्य उज्जवल

पीजीआई की डिजी सेवा ने न केवल अस्पताल की कार्यप्रणाली को सुव्यवस्थित किया है, बल्कि यह मरीजों के लिए एक नई सुविधा भी लेकर आई है। इस सेवा के लागू होने से अस्पताल की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और मरीजों को इलाज के लिए बेहतर अनुभव मिलेगा। डिजी सेवा पीजीआई के स्वास्थ्य सेवा में नवाचार को दर्शाता है, जो अन्य संस्थानों के लिए एक प्रेरणा बन सकता है।

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