नई दिल्ली, 26 मार्च : चेन्नई सुपर किंग्स का यह 43 वर्षीय करिश्माई क्रिकेटर तथा भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी खुद को इंपैक्ट प्लेयर नहीं मानते हैं। जब इम्पैक्ट प्लेयर नियम को पहली बार आईपीएल में लागू किया गया तो वह इसकी जरूरत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थे। अब वह इसे टी20 क्रिकेट के विकास के एक हिस्से के रूप में देखते हैं। चेन्नई सुपर किंग्स का यह 43 वर्षीय करिश्माई क्रिकेटर हालांकि खुद को इंपैक्ट प्लेयर नहीं मानते हैं। वह अब भी टीम के पहली पसंद के विकेटकीपर हैं।
वास्तव में इसकी जरूरत नहीं : धोनी
धोनी ने कहा, ‘जब पहली बार यह नियम लागू किया गया तो मुझे लगा कि वास्तव में इसकी जरूरत नहीं है। कुछ हद तक इसने मेरी मदद की और नहीं भी की। मैं अभी विकेटकीपिंग कर रहा हूं इसलिए मैं इम्पैक्ट प्लेयर नहीं हूं। ’ उन्होंने कहा, ‘ मुझे इसके अनुसार ही आगे बढऩा होगा। कई लोगों का कहना है कि इस नियम के कारण बड़े स्कोर बन रहे हैं लेकिन मेरा मानना है कि खिलाडिय़ों की सहज होकर खेलने से ऐसा हो रहा है।’