बाढ़ संकट में पशुधन बचाने 24 घंटे जुटा रहा विभाग, 492 टीमें, 3.19 लाख पशुओं का किया इलाज- गुरमीत सिंह खुड्डियां

by Manu
पंजाब सरकार

चंडीगढ़, 24 दिसंबर 2025: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने वर्ष 2025-26 के दौरान पशुपालन, डेयरी विकास और मत्स्य पालन क्षेत्र में कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य पालन मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि सरकार ने बाढ़ प्रभावित पशुधन की सुरक्षा से लेकर प्राकृतिक खेती, नस्ल सुधार और आधुनिक तकनीक तक हर मोर्चे पर सक्रिय भूमिका निभाई है।

गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि 12 बाढ़ प्रभावित जिलों में 713 गांवों तक 492 रैपिड-रिस्पॉन्स वेटरनरी टीमें पहुंचाई गईं। 24 घंटे इमरजेंसी ग्रिड स्थापित कर 3.19 लाख से अधिक पशुओं को मुफ्त चिकित्सा प्रदान की गई। गलघोटू से बचाव के लिए 2.53 लाख पशुओं को बूस्टर डोज लगाई गई। विभाग ने 20,000 क्विंटल फीड, 16,000 क्विंटल साइलेज, हजारों क्विंटल चारा-भूसा, 234 क्विंटल मिनरल मिक्सचर, 68 हजार डीवर्मर खुराकें और 194 किलोग्राम पोटैशियम परमैंगनेट उपलब्ध कराया। 1,619 जागरूकता कैंप लगाए गए।

लंपी स्किन बीमारी से बचाव के लिए 24.27 लाख, मुंहखुर रोग के खिलाफ 126.22 लाख और गलघोटू के विरुद्ध 68.88 लाख मुफ्त खुराकें दी गईं। पटियाला वेटरनरी पॉलीक्लीनिक में 54 लाख रुपये की लागत से एलनगोर-800 एम.ए. डिजिटल रेडियोग्राफी प्रणाली स्थापित की गई, जो फ्रैक्चर, हड्डी कैंसर, गुर्दे की पथरी आदि का तुरंत पता लगाती है।

जनवरी 2023 से मार्च 2025 तक 1.82 लाख सेक्स सॉर्टेड सीमेन खुराकों से उच्च-मूल्य वाली बछियों/बछड़ों की जन्म दर बढ़ी। गोबर खरीद योजना से किसानों को अतिरिक्त आय मिल रही है।

मत्स्य पालन में उछाल

187 लाभार्थियों को 5.82 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई। 43,683 एकड़ में 2 लाख टन से अधिक मछली उत्पादन हुआ। झींगा पालन में 985 एकड़ से 2,550 टन उत्पादन। 15.99 करोड़ मछली पुंग का उत्पादन और 9,200 से अधिक लोगों को ट्रेनिंग दी गई।

8,500 किसानों को सालाना डेयरी ट्रेनिंग दी जाती है, जिससे 3,500 डेयरी यूनिट स्थापित होती हैं। राष्ट्रीय पशुधन मिशन में 30,734 दूधारू पशुओं का बीमा किया गया। नुकसान पर 9 करोड़ रुपये की सहायता दी गई।

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