दिल्ली उच्च न्यायालय ने धार्मिक समिति को अवैध ढांचों पर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया

by Manu
delhi high court on illegal religious structures

नई दिल्ली, 07 फ़रवरी 2025: illegal religious structures  दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को दिल्ली की धार्मिक समिति को निर्देश दिया कि वह सार्वजनिक भूमि पर स्थित 249 अनधिकृत धार्मिक ढांचों (illegal religious structures) के बारे में भूमि-स्वामित्व एजेंसियों से जानकारी एकत्र करे। इसके बाद, इन ढांचों को हटाने के लिए की गई कार्रवाई पर एक विस्तृत रिपोर्ट अदालत में पेश की जाए। अदालत ने दिल्ली सरकार के प्रमुख सचिव या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी को छह सप्ताह के भीतर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।

सर्वोच्च न्यायालय से मामला दिल्ली उच्च न्यायालय भेजा गया

यह मामला सर्वोच्च न्यायालय से दिल्ली उच्च न्यायालय को भेजा गया था, जो सार्वजनिक भूमि पर अवैध धार्मिक ढांचों को हटाने से संबंधित था। इस आदेश के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने भूमि-स्वामित्व एजेंसियों से जानकारी एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए धार्मिक समिति को निर्देशित किया।

दिल्ली विकास प्राधिकरण ने 127 अवैध ढांचों को किया ध्वस्त

दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने अदालत को सूचित किया कि उसने अब तक 127 अवैध धार्मिक ढांचों की पहचान की है और उन्हें ध्वस्त कर दिया है। इनमें से कुछ ढांचे संजय वन और जहांपनाह शहर के जंगलों में पाए गए थे। डीडीए ने यह भी बताया कि इन 127 ढांचों में से 82 की पहचान वन विभाग ने की थी।

धार्मिक समिति को जानकारी एकत्र करने और रिपोर्ट पेश करने का निर्देश

अदालत ने धार्मिक समिति से कहा कि वह इन 249 मामलों की पूरी जानकारी एकत्र करे। यह जानकारी उन एजेंसियों से प्राप्त की जाएगी जिनकी भूमि पर ये अनधिकृत ढांचे बने हैं, और उन एजेंसियों से भी जानकारी प्राप्त की जाएगी जो इन ढांचों को हटाने के लिए जिम्मेदार हैं।

धार्मिक समिति ने अब तक की गई कार्यवाही का विवरण प्रस्तुत किया

धार्मिक समिति ने अदालत को सूचित किया कि उसने अब तक 51 बैठकें की हैं और अनधिकृत धार्मिक ढांचों को हटाने के लिए 249 मामलों की सिफारिश की है।

अगली सुनवाई 14 मई को

अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 14 मई को तय की है, जब धार्मिक ढांचों को हटाने की प्रक्रिया पर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।

नवीनतम आदेश से दिल्ली सरकार की कार्रवाई में तेजी आने की संभावना

यह कदम दिल्ली सरकार और संबंधित एजेंसियों द्वारा सार्वजनिक भूमि पर अवैध निर्माणों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को लेकर अदालत की गंभीरता को दर्शाता है। यह उम्मीद की जा रही है कि इस निर्णय से सार्वजनिक भूमि पर अनधिकृत धार्मिक ढांचों को हटाने की प्रक्रिया तेज होगी, जिससे भूमि का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

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