CM Omar Abdullah Meets PM Modi: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पहली बार शनिवार, 3 मई 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह बैठक प्रधानमंत्री आवास पर हुई और करीब 30 मिनट तक चली। सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं ने 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद उत्पन्न स्थिति, खासकर सुरक्षा और राजनयिक तनाव, पर चर्चा की।
उमर अब्दुल्ला ने विशेष रूप से सिंधु जल संधि (IWT) के निलंबन और इसके जम्मू-कश्मीर पर पड़ने वाले प्रभावों को उठाया, क्योंकि भारत ने इस संधि को हमले के बाद स्थगित कर दिया था। अब्दुल्ला ने पहले ही इस संधि को जम्मू-कश्मीर के लिए “सबसे अनुचित दस्तावेज” करार देते हुए कहा था कि यह क्षेत्र के लोगों के हितों के खिलाफ है।
ये समय पूर्ण राज्य का दर्जा मांगने का नहीं: उमर अब्दुल्ला
हमले के बाद उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया था कि वह इस त्रासदी का इस्तेमाल राजनीतिक मांगों, जैसे जम्मू-कश्मीर के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा, के लिए नहीं करेंगे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कहा, “मेरी राजनीति इतनी सस्ती नहीं कि मैं 26 लोगों की जान की कीमत पर राज्य का दर्जा मांगूं। यह समय सिर्फ हमले की निंदा और पीड़ितों के प्रति एकजुटता का है।”
बैठक में क्षेत्र में पर्यटन पर हमले के प्रभाव और कश्मीरियों के खिलाफ देश के अन्य हिस्सों में कथित उत्पीड़न की घटनाओं पर भी चर्चा हुई। अब्दुल्ला ने पहले पर्यटकों के पलायन को “दुखद” बताया था और कश्मीरियों को दुश्मन न मानने की अपील की थी।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं, जिसमें अटारी सीमा बंद करना, पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना और राजनयिक संबंधों को सीमित करना शामिल है।
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