नई दिल्ली, 20 दिसंबर 2025: राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को अगस्ता वेस्टलैंड VVIP हेलीकॉप्टर डील से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को रिहा करने का आदेश दिया है। स्पेशल जज (सीबीआई) संजय जिंदल ने सीआरपीसी की धारा 436ए के प्रावधानों के तहत यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई अन्य मामला नहीं है तो 21 दिसंबर को उन्हें रिहा कर दिया जाए।
धारा 436ए के दूसरे प्रावधान के अनुसार अपराध की अधिकतम सजा से ज्यादा समय तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता। मिशेल ने याचिका में कहा था कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अधिकतम 7 साल की सजा है। वे 7 साल से हिरासत में हैं। कोर्ट ने उनकी दलील मानी। जेल अधिकारियों को सभी जरूरी नियमों के साथ रिहाई के निर्देश दिए।
हालांकि मिशेल अभी पूरी तरह आजाद नहीं होंगे। सीबीआई के अलग मामले में वे जेल में रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई मामले में और दिल्ली हाईकोर्ट ने ईडी मामले में बेल दी थी। लेकिन बेल शर्तों में 5 लाख रुपये का बॉन्ड और पासपोर्ट सरेंडर था। मिशेल ने बॉन्ड जमा नहीं किया। हिरासत में उनका पासपोर्ट इनवैलिड हो गया।
मिशेल के वकील ने कोर्ट में कहा कि दो एजेंसियां 12 साल से जांच कर रही हैं। मुवक्किल 7 साल से जेल में है। बेल मिलने के बावजूद घर नहीं जा सका। यह न्याय का मजाक है। मिशेल ने लिखित में कहा कि रिहा होने पर भी बाकी ट्रायल में हिस्सा लेंगे।
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