बीजापुर, 23 नवंबर 2025: बस्तर के बीजापुर जिले में नक्सल प्रभावित कर्रेगुट्टा पहाड़ियों के घने जंगलों में सुरक्षा बलों ने एक और मजबूत कदम बढ़ाया है। रविवार को पुलिस ने बताया कि 4 नवंबर 2025 को उसूर थाना क्षेत्र के ताड़पाला गांव के पास सुरक्षा बलों ने नया अग्रिम परिचालन बेस (Forward Operating Base – FOB) स्थापित कर दिया है। यह इलाका पहले माओवादियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना माना जाता था।
इस साल अप्रैल-मई में इसी कर्रेगुट्टा क्षेत्र में CRPF, DRG और कोबरा कमांडो ने 21 दिनों का सबसे बड़ा नक्सल-विरोधी अभियान चलाया था। इस ऑपरेशन में 31 कुख्यात नक्सली मारे गए थे। 35 हथियार, 450 आईईडी, हजारों डेटोनेटर और भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुए थे। इसके बाद से नक्सलियों की कमर टूट चुकी है।
बीजापुर SP जितेंद्र यादव ने कहा कि “यह क्षेत्र पहले नक्सलियों का गढ़ था। अप्रैल-मई के बड़े ऑपरेशन के बाद अब हमने यहां स्थायी कैंप बना लिया है। इससे न सिर्फ नक्सल गतिविधियां खत्म होंगी बल्कि स्थानीय आदिवासियों को भी सुरक्षा और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी।”
छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। पिछले 11 महीनों में 250 से ज्यादा नक्सली मारे जा चुके हैं और 800 से अधिक ने सरेंडर किया है।
ये भी देखे: सुकमा में नक्सलियों पर बड़ी चोट: गोगुंडा पहाड़ियों पर मुठभेड़, 16 नक्सली ढेर