मोहाली, 15 जुलाई 2025: सीजीसी लांडरां के चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी (सीसीटी), के डिपार्टमेंट ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी ने पंजाब बायोटेक्नोलॉजी इनक्यूबेटर (पीबीटीआई), मोहाली के सहयोग से ‘फ़ूड क्वालिटी, वाटर सेफ्टी एंड नैनोटेक्नोलाजी ऍप्लिकेशन्स इन वेस्टवाटर ट्रीटमेंट’ विषय पर एक कम्प्रेहैन्सिव समर कोर्स सफलतापूर्वक संपन्न किया।
यह दस दिवसीय कार्यक्रम, इसे सीजीसी लांडरां और पीबीटीआई मोहाली दोनों स्थानों पर आयोजित किया गया। यह बायोटेक्नोलॉजी के स्टूडेंट्स के लिए एक अनूठा इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग अनुभव रहा, जिसमें थ्योरेटिकल नॉलेज के साथ साथ प्रैक्टिकल, हैंड्स ऑन ट्रेनिंग का प्रशिक्षण भी शामिल था। सीसीटी में स्टूडेंट्स ने चांदी के नैनोपार्टिकल्स के केमिकल और ग्रीन सिंथेसिस तथा वेस्टवाटर में भारी मेटल्स की टॉक्सिसिटी को कम करने में उनके अनुप्रयोग का गहन अध्ययन किया, जो कि एक बढ़ती हुई पर्यावरणीय चिंता है। ये सेशन डिपार्टमेंट ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी, सीसीटी, सीजीसी लांडरां के डॉ. अभिनय किशोर, डॉ. रंजू राठौर और डॉ. सुक्शम पाल द्वारा संचालित किया गया।
वहीं पीबीटीआई में प्रतिभागियों को फ़ूड और वाटर सेफ्टी एनालिसिस पर एक्सपर्ट ट्रेनिंग प्राप्त हुई, जिसमें कोलीफॉर्म और ई. कोलाई टेस्टिंग तथा आईसीपी – एमएस, एलसी – एमएस और जीसी – एफआइडी जैसे हाई एन्ड एनालिटिकल इंस्ट्रूमेंट्स के संचालन का अभ्यास भी शामिल था। अत्याधुनिक प्रयोगशाला सुविधाओं का वास्तविक अनुभव छात्रों को इंडस्ट्री की गहरी समझ और स्किल विकास के बहुमूल्य अवसर प्रदान करता है। लाइव डेमोंस्ट्रेशन, इंटरएक्टिव डॉउट क्लीयरिंग सेशन, क्विज़ और लैब बेस्ड चुनौतियां जैसी रोचक एक्टिविटीज़ ने इस कोर्स को और भी डायनामिक और समृद्ध बना दिया।

स्टूडेंट्स ने लैब टेक्निक्स और साइंटिफिक प्रॉब्लम सॉल्विंग में कॉन्फिडेंस और दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि की बात की। इस पहल की सराहना करते हुए डॉ. पलकी साहिब कौर, डायरेक्टर – प्रिंसिपल, सीसीटी, सीजीसी लांडरां ने कहा, ‘यह समर कोर्स इस बात को दर्शाता है कि इस प्रकार के सहयोग से ना केवल स्टूडेंट्स को उन्नत वैज्ञानिक ज्ञान प्राप्त होता है, बल्कि उन्हें बायोकेमिस्ट्री इंडस्ट्री की प्रैक्टिकल डिमांड्स के अनुरूप भी तैयार किया जाता है। सीजीसी लांडरां के सीसीटी में ऐसी पहलों के माध्यम से हम ऐसे इंडसट्री के लिए त्यार बायोटेक्नोलॉजिस्ट्स को तैयार करने का प्रयास करते हैं, जो समकालीन पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का समाधान करने में सक्षम हों और समाज में सार्थक योगदान दे सकें।’
समापन समारोह में डॉ. अजीत दुआ, सीईओ, पीबीटीआई और डॉ. गुरप्रीत कौर, हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी, सीसीटी उपस्थित हुए। दोनों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरणीय स्थिरता से जुड़े वास्तविक समस्याओं के समाधान में अंतर्विषयी सहयोग के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम का समापन प्रमाण पत्र वितरण समारोह के साथ हुआ, जो उपलब्धि और अकादमिक सहयोग की भावना का प्रतीक था।