जज यशवंत वर्मा के घर से जली हुई हालत में कैश मिले, अधिकारियों ने जांच समिति को बताया

by Manu
यशवंत वर्मा

नई दिल्ली, 21 अप्रैल 2025: अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित जांच समिति को बताया कि दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश यशवंत वर्मा के जले हुए घर से करोड़ों रुपये की नकदी के बंडल मिले हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 14 मार्च को न्यायाधीश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के घर पर लगी आग में करोड़ों रुपये की नकदी बरामद होने की घटना की जांच के लिए उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इस समिति ने आग की घटना के समय मौजूद अधिकारियों से पूछताछ की।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा, डीपीसी (नई दिल्ली जिला) देवेश महला व घटना में शामिल अन्य कर्मचारियों से गहन पूछताछ की। यह पूछताछ दो मुख्य प्रश्नों पर केंद्रित थी।

जांच कमेटी ने पूछे 2 अहम सवाल

आग लगने की जगह पर मिली नकदी को जब्त क्यों नहीं किया गया? कर्मचारियों ने दूसरी आग का वीडियो अपने फोन से क्यों डिलीट कर दिया?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने समिति को बताया कि नकदी जब्त नहीं की गई, क्योंकि मामले में कोई FIR दर्ज नहीं की गई थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने उचित प्रक्रिया का पालन किया है और मामला अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दिया, जिन्होंने बाद में दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय से घटना की जानकारी ली।

दूसरे सवाल के जवाब में जहां तक ​​वीडियो डिलीट करने का सवाल है तो पुलिस ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर उन्होंने अपने फोन से वीडियो डिलीट कर दिया। पुलिसकर्मियों ने समिति को बताया कि भारत के किसी भी उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के खिलाफ एफआईआर तभी दर्ज की जा सकती है जब सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश इसकी मंजूरी दें।

ये भी देखे: तलाक के 3 साल बाद दहेज उत्पीड़न की शिकायत, सुप्रीम कोर्ट हैरान, कही ये बात

You may also like