महू, 20 नवंबर 2025: दिल्ली रेड फोर्ट बम ब्लास्ट केस में ईडी की गिरफ्त में आए फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अब मध्य प्रदेश के महू में उनका पुराना मकान भी खतरे में पड़ गया है। छावनी परिषद महू ने उनके मकान नंबर 1371 (सर्वे नंबर 245/1245, मुकेरी मोहल्ला) को अवैध निर्माण बताते हुए नोटिस थमा दिया है।
नोटिस में साफ लिखा है कि यह निर्माण 1996-97 से ही अवैध है। उस समय भी छावनी अधिनियम 1924 की धारा 185 और 256 के तहत नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन जावेद सिद्दीकी या उनके परिवार ने आज तक अतिक्रमण नहीं हटाया। अब छावनी परिषद ने तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। अगर इतने समय में अवैध हिस्सा नहीं हटाया गया तो परिषद खुद बुलडोजर चलवाएगी और पूरा खर्च जावेद सिद्दीकी से वसूला जाएगा।
महू छावनी क्षेत्र में आने वाला यह मकान काफी पुराना है और जावेद सिद्दीकी के परिवार से जुड़ा हुआ है। रेड फोर्ट ब्लास्ट केस में यूनिवर्सिटी के दो लेक्चरर पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। ईडी जावेद सिद्दीकी से लगातार पूछताछ कर रही है। अब महू छावनी परिषद की यह कार्रवाई उनके लिए नई कानूनी मुसीबत बन गई है। स्थानीय लोग बरसों से इस मकान के अवैध हिस्से की शिकायत कर रहे थे। अब नोटिस मिलने के बाद बुलडोजर की तलवार लटक रही है।
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