हरियाणा और पंजाब के शंभू बॉर्डर पर किसानों के धरने को लेकर सरकार द्वारा बड़ी कार्रवाई हुई है । पंजाब पुलिस ने बुधवार को किसानों को धरना स्थल से हटा दिया जहां वे अपनी मांगों को लेकर बैठे थे। इसके बाद हरियाणा पुलिस ने गुरुवार सुबह बॉर्डर पर लगाए गए कंक्रीट के बैरिकेड्स हटाने का काम शुरू किया।
पंजाब पुलिस ने धरना स्थल को खाली कराने के लिए कोई बल प्रयोग नहीं किया। पटियाला के एसएसपी नानक सिंह ने बताया कि किसानों ने पुलिस का सहयोग किया और खुद ही बसों में बैठकर घर चले गए। उन्होंने कहा कि सड़क को साफ कर के आने जाने के लिए खोल दिया जाएगा
नेताओ का यह कहना है
धरने के दौरान किसान नेताओं, जैसे जगजीत सिंह दल्लेवाल और सरवन सिंह पंधेर, को हिरासत में लिया गया। इस पर किसान नेता राकेश टिकैत ने पंजाब सरकार की आलोचना की और कहा कि सरकार एक तरफ बातचीत कर रही है और दूसरी तरफ किसानों को गिरफ्तार कर रही है।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने इसे किसानों पर हमला बताया और कहा कि सरकार ने किसानों को धोखा दिया है। वहीं, भाजपा नेता फतेहजंग सिंह बाजवा ने कहा कि उनकी पार्टी किसानों के साथ है और आप सरकार ने किसानों के साथ गलत किया है।
पंजाब सरकार के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह कार्रवाई इसलिए की गई ताकि शंभू और खनौरी बॉर्डर खोले जा सकें। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगें केंद्र सरकार से जुड़ी हैं, इसलिए उन्हें दिल्ली में प्रदर्शन करना चाहिए, न कि पंजाब की सड़कों को बंद करना चाहिए।
अब बॉर्डर खोलने का काम जारी है और जल्द ही यातायात सामान्य होने की उम्मीद है।
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