Shubhanshu Shukla Axiom 4: भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 26 जून 2025 को इतिहास रच दिया, जब वे एक्सिओम-4 (Ax-4) मिशन के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पहुंचे। वे पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं जो ISS पर पहुंचे हैं और 41 साल बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय हैं। उनके साथ मिशन में पूर्व नासा अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन (कमांडर), पोलैंड के स्लावोस उज़्नांस्की-विस्निव्स्की और हंगरी के टिबोर कपु शामिल हैं।
डॉकिंग की जानकारी
25 जून 2025 को दोपहर 12:01 बजे IST (2:31 AM EDT) पर स्पेसएक्स का फाल्कन-9 रॉकेट फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च हुआ। शुभांशु शुक्ला, मिशन के पायलट, ने स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान को कुशलतापूर्वक संचालित किया। लगभग 28.5 घंटे की यात्रा के बाद, ड्रैगन यान 26 जून 2025 को शाम 4:05 बजे IST (3:59 PM IST) पर ISS के हार्मनी मॉड्यूल के स्पेस-फेसिंग पोर्ट से सफलतापूर्वक डॉक हुआ।
डॉकिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद, अंतरिक्ष यात्री जल्द ही ISS में प्रवेश करेंगे, जहां वे 14 दिन तक रहेंगे। इस दौरान, शुभांशु और उनकी टीम 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे, जिनमें से सात भारत की ओर से हैं। इनमें माइक्रोएल्गी, सलाद बीजों का अंकुरण, और माइक्रोग्रैविटी में टार्डिग्रेड्स की सहनशक्ति जैसे प्रयोग शामिल हैं।
अंतरिक्ष से शुभांशु शुक्ला का संदेश
डॉकिंग से पहले, शुभांशु ने अंतरिक्ष से अपने पहले संदेश में कहा, “नमस्कार मेरे प्यारे देशवासियों! यह मेरी नहीं, बल्कि भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत है। मेरे कंधे पर तिरंगा है, जो मुझे बता रहा है कि मैं अकेला नहीं हूं, आप सभी मेरे साथ हैं।” उन्होंने इसे 1.4 अरब भारतीयों की यात्रा करार दिया।
शुभांशु शुक्ला का पूरा परिवार हुआ भावुक
शुभांशु की मां आशा शुक्ला और बहन शुचि मिश्रा लखनऊ में डॉकिंग का लाइव प्रसारण देखकर भावुक हो गईं। उनके पिता शंभू दयाल शुक्ला ने कहा, “हमें अपने बच्चे पर गर्व है। सफल डॉकिंग के लिए हम भगवान का धन्यवाद करते हैं।” शुचि मिश्रा ने इसे पूरे देश के लिए गर्व का क्षण बताया और शुभांशु की सुरक्षित वापसी की कामना की।
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