चंडीगढ़, 28 नवंबर 2025: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 21 नवंबर को खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह की पैरोल याचिका पर पंजाब सरकार को एक हफ्ते में फैसला लेने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू हो रहा है इसलिए जल्द निर्णय लें।
पंजाब गृह विभाग ने अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर और जिला पुलिस अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी। अमृतसर प्रशासन ने रिपोर्ट में पैरोल देने के खिलाफ सिफारिश की। कारण बताया कि रिहाई से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। अमृतपाल पर खालिस्तान समर्थन के आरोप हैं और वे डिब्रूगढ़ जेल में NSA के तहत बंद हैं।
इस रिपोर्ट के आधार पर गृह विभाग ने पैरोल खारिज कर दी। फैसला एडिशनल चीफ सेक्रेटरी ने जारी किया। अमृतपाल ने सत्र में हिस्सा लेने के लिए NSA की धारा 15 के तहत पैरोल मांगी थी। जुलाई 2024 में शपथ के लिए चार दिन की पैरोल मिली थी लेकिन अब तक वे संसद में नहीं पहुंचे।
अब अमृतपाल ने सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी है। उनका वकील इमान सिंह खारा ने कहा कि सांसद का संसद में होना संवैधानिक कर्तव्य है। कोर्ट ने पहले ही कहा था कि अमृतपाल ने कोई सही आवेदन नहीं दिया लेकिन फिर भी फैसला लें।
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