चंडीगढ़, 18 नवंबर 2025: प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (पीएमएलए) की धारा 19 के तहत हुई। सिद्दीकी अल-फलाह यूनिवर्सिटी के फाउंडर और मैनेजिंग ट्रस्टी भी हैं।
गिरफ्तारी के बाद सिद्दीकी का मेडिकल टेस्ट कराया गया। फिर उन्हें साकेत कोर्ट में पेश किया गया। ईडी ने दिल्ली-एनसीआर के 19 ठिकानों पर छापे मारे। इनमें यूनिवर्सिटी के प्रेमिसेज और ग्रुप के प्रमुख लोगों के घर शामिल थे। छापों में मिले सबूतों के आधार पर यह एक्शन लिया गया।
ईडी की जांच दो एफआईआर पर आधारित है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने ये दर्ज कीं। आरोप है कि फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी ने एनएएसी एक्रेडिटेशन का फर्जी दावा किया। छात्रों और अभिभावकों को गुमराह करने के मकसद से ऐसा किया।
ईडी ने पाया कि अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट से करोड़ों रुपये डायवर्ट हुए। ट्रस्ट के पैसे परिवार की कंपनियों में लगाए गए। जैसे निर्माण और कैटरिंग कॉन्ट्रैक्ट पत्नी-बच्चों की फर्मों को दिए। नौ शेल कंपनियां भी जांच के दायरे में हैं। ये एक ही एड्रेस पर रजिस्टर्ड हैं।
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