चंडीगढ़, 20 मार्च : किसानों की केंद्रीय कृषि मंत्री और अन्य अधिकारियों के साथ मीटिंग बिना किसी परिणाम के खत्म होने के बादचंडीगढ़ से पंजाब अंदर एंट्री करते ही किसान नेता सरवन सिंह पंधेर, किसान नेता जगजीत सिंह डलेवाल और सैंकडों किसानों को संभू और खनौरी मोर्चा से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद खनौरी और संभू बार्डर में हजारों पुलिस कर्मचारियों के साथ पहुंच कर किसानों के दोनों मोर्चों को हटा दिया है। दूसरी तरफ हरियाणा वाली साइड से भी पुलिस की दोनों मोर्चों पर एक दर्जन से ज्यादा किसी अप्रिय घटना के साथ निपटने से जा सके।
जिस तरह पंजाब पुलिस हजारों पुलिस कर्मचारियों के साथ किसानों को गिरफ्तार करके किसानों की तरफ से लगाए गए टैंट आदि को खत्म कर रही है, उससे स्पष्ट है कि 20 तारीख सुबह तक शंभू और खनौरी बार्डर में दिल्ली को जाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जायेगा। डीआईजी पटियाला मनदीप सिंह सिद्धू और एसएसपी डा. नानक सिंह ने कहा है कि हरियाणा पुलिस के साथ सांझा आप्रेशन है और बैरीकेटिंग भी हटा दी जायेगी जिससे लोगों को और व्यापारी वर्ग को राहत मिल सके।
व्यापारी वर्ग व आर्थिकता हो रही थी प्रभावित
किसानों ने एमएसपी समेत लगभग दर्जन माँगों को ले कर 13 फरवरी 2024 को दिल्ली जाने से रोकने उपरांत संभू, खनौरी और रत्नपुरा बार्डर पर ही पक्के मोर्चे लगा लिए थे, जिसके साथ पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों का व्यापारी वर्ग ओर आर्थिकता बड़े स्तर पर प्रभावित हो रही थी, जिसके चलते आज मुखी किसानों को गिरफ्तार करने के बाद में किसानी माँगों के लिए शुरू हुए किसान मोर्चे लगभग 13 महीनों बाद 19 मार्च 2025 को देर रात जबरदस्ती हटा दिए गए हैं और सारी रात पंजाब, हरियाणा मेन हाईवे को खोलनो की तैयारी चल रही है और सुबह तक पुरी उम्मीद है कि यह रास्ता पूरी तरह खोल दिए जाएंगे। गत कल से ही पुलिस पूरी तरह हरकत में थी, गिरफ्तार किये गए किसानों को पटियाला के बहादुरगढ़ किले के अंदर बंद कर दिया है।
दर्जन के करीब सीनियर अधिकारी तैनात
डीआईजी पटियाला रेंज मनदीप सिंह सिद्धू, एसएसपी डा. नानक सिंह की अगुवाई में में दर्जन के करीब सीनियर पुलिस अधिकारी, आधा दर्जन से ज्यादा एसडीएम और कई ओर अधिकारी मोर्चे पर देर रात तक तैनात हैं। मीडिया को पांच किलोमीटर दूर रोक लिया गया है। किसानों की ट्रैक्टर ट्रालियां, टैंटों को पक्के कैबिनों को बड़े बड़े हाईड्रे, क्रेनों के साथ उठा दिया गया है। दोनों बारडरों पर 10 किलोमीटर के एरिया में किसी को फडक़ने नहीं दिया जा रहा। भारी पुलिस फोर्स की अगुवाई में किसानों की तरफ से एक साल से लगाए हुए समुचे टैंट आदि को पुरी तरह नष्ट कर दिया गया है और खड़े ट्रैक्टर ट्रालियों को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।