पटियाला, 3 मई : Advocate Harjinder Singh Dhami –शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एडवोकेट हरजिन्दर सिंह धामी harjinder singh dhami ने केंद्रीय जेल पटियाला में सजाजाफता भाई राजोआना bhai rajoana की फांसी की सजा को उम्र कैद में तबदील किये जाने वाली पटीशन पर कोई फैसला न किये जाने के व्यवहार को मन्दभागा करार देते कहा कि जहां केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन कर रही, वहां ही मानवी हकों पर भी डाका मार रही है। एडवोकेट धामी advocate dhami ने कहा कि केंद्र सरकार के नकारात्मक व्यवहार के प्रति शिरोमणि कमेटी भविष्य रणनीति बनायेगी जिससे भाई राजोआना के मसले प्रति कोई जल्द फैसला हो सके। एडवोकेट हरजिन्दर सिंह धामी केंद्रीय जेल में सजाजाफता भाई राजोआना के साथ मुलाकात के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत कर रहे थे।
केंद्र के चेहरे को किया जाए बेनकाब
आज शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी sgpc के प्रधान एडवोकेट हरजिन्दर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल समेत केंद्रीय जेल पटियाला में सजाजाफता भाई बलवंत सिंह राजोआना के साथ मुलाकात की। वफद में अंत्रिग कमेटी मैंबर सुरजीत सिंह गढ़ी, मैंबर राजिन्दर सिंह मेहता और मैंबर एडवोकेट भगवंत सिंह , सैक्ट्री प्रताप सिंह और सच्चखंड श्री दरबार साहिब मैनेजर भगवंत सिंह धंगेड़ा शामिल थे।
मुलाकात दौरान भाई राजोआना bhai rajoana ने शिरोमणि कमेटी प्रधान के पास अपनी भावनाओं को सांझा करते जोर दिया कि पटीशन पर जल्द फैसले को लेकर ऐसा दबाव बनाया जाए, जिससे केंद्र सरकार के चेहरे को बेनकाब किया जा सके।
सुप्रीम कोर्ट में डाली पटीशन पर हुई बातचीत
शिरोमणि कमेटी प्रधान एडवोकेट हरजिन्दर सिंह धामी harjinder singh dhami ने बातचीत करते बताया कि भाई बलवंत सिंह राजोआना के साथ सुखावें माहौल में हुई मुलाकात दौरान सुप्रीम कोर्ट में डाली गई पटीशन पर बातचीत हुई है।
उन्होंने बताया कि भाई राजोआना की फांसी की सजा को उम्र कैद में तबदील करने के लिए 2012 में भारत के राष्ट्रपति के पास रहम की अपील डाली गई थी और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी sgpc अदालतों में कानूनी हल के द्वारा निरंतर कार्यशील है और यह कानूनी लड़ाई भविष्य में भी जारी रहेगी।
शिरोमणि कमेटी के प्रधान ने मांग को दोहराया और कहा कि भाई राजोआना bhai rajoana के मसले पर कोई जल्द फैसला न लेने से स्पष्ट होता है कि देश में सिखों प्रति दोहरे मापदंड और कानून को अपनाया जाता है।
एडवोकेट हरजिन्दर सिंह धामी advocate harjinder singh dhami ने कहा कि भाई राजोआना के मसले को गंभीरता के साथ लेते एक 11 मैंबरी कमेटी का गठन किया गया था, ताकि केंद्र सरकार तक पहुँच करके इस मामले प्रति कोई फैसला हो सके, परंतु वफद को मिलने के लिए कोई समय न देने से स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार सिखों की चुनी हुई कानूनन सिरमौर संस्था की तौहीन कर रही है, जिस को बरदाश्त नहीं किया जा सकता।
शिरोमणि कमेटी संजीदगी के साथ हल ढूंढेगी
उन्होंने कहा कि आज मुलाकात दौरान भाई राजोआना bhai rajoana को भरोसा दिया है कि शिरोमणि कमेटी इस पर ओर भी संजीदगी के साथ विचार करके योग्य हल ढूंढेगी। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते उन्होंने कहा कि जेलों में नजरबंद बंदी सिखों को भी जल्द रिहा किया जाना चाहिए क्योंकि सजाएं मुकम्मल हो चुकी हैं और ऐसे में उनको रिहा न करना भी यह स्पष्ट करता है कि सरकारों के सिख कौम प्रति व्यवहार तय साजिशी का हिस्सा हैं। इस मौके मैनेजर भाग सिंह, उप मैनेजर मनदीप सिंह, आत्म प्रकाश सिंह के अलावा शिरोमणि कमेटी अधिकारी आदि शामिल थे।
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