एसर इंडिया ने शुरू की ‘मातृका’ नीति, महिलाओं को मिलेगा हर महीने एक दिन का मासिक धर्म अवकाश

by Manu
एसर इंडिया मातृका अवकाश

नई दिल्ली, 25 मार्च 2025: इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण बनाने वाली कंपनी एसर इंडिया ने अपने कार्यस्थल को महिलाओं के लिए और बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने महिला कर्मचारियों के लिए हर महीने एक दिन के मासिक धर्म अवकाश की नीति शुरू की है। इस कदम के साथ एसर उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल हो गई है, जो महिलाओं के स्वास्थ्य और समावेशी माहौल को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।

‘मातृका’ नीति का ऐलान

एसर इंडिया ने सोमवार को एक बयान जारी कर इस नई पहल की जानकारी दी। कंपनी ने अपनी मासिक धर्म अवकाश नीति का नाम ‘मातृका’ रखा है। इसके तहत सभी महिला कर्मचारी हर महीने एक दिन का अतिरिक्त सवैतनिक अवकाश ले सकेंगी। खास बात यह है कि यह अवकाश उनके नियमित छुट्टियों के अधिकारों से अलग होगा। कंपनी का कहना है कि इस नीति का मकसद महिलाओं को उनके मासिक धर्म स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने में मदद करना है, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपने काम और निजी जीवन में संतुलन बना सकें।

एसर इंडिया: महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता

एसर इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक हरीश कोहली ने इस पहल पर खुशी जताते हुए कहा, “हम ‘मातृका’ नीति के जरिए महिलाओं के स्वास्थ्य और कल्याण को लेकर एक खुली बातचीत शुरू करना चाहते हैं। यह कदम न सिर्फ हमारी महिला कर्मचारियों के लिए मददगार होगा, बल्कि समाज में इस विषय को सामान्य बनाने में भी योगदान देगा।” हरीश कोहली ने आगे कहा कि कंपनी का मानना है कि एक सहायक और समावेशी माहौल हर कर्मचारी के विकास के लिए जरूरी है।

दूसरी कंपनियों से प्रेरणा

एसर इंडिया से पहले कई बड़ी कंपनियों ने भी ऐसी नीतियां लागू की हैं। मार्च की शुरुआत में देश की जानी-मानी कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने अपनी महिला कर्मचारियों के लिए पहली बार एक दिन का मासिक धर्म अवकाश शुरू किया था। इसके अलावा फूड डिलीवरी कंपनियां स्विगी और जोमैटो भी पहले ही इस तरह की नीतियों को अपनाकर चर्चा में आ चुकी हैं। इन कंपनियों का मानना है कि ऐसी पहल न केवल महिलाओं के लिए कार्यस्थल को बेहतर बनाती है, बल्कि उनकी सेहत और उत्पादकता को भी बढ़ावा देती है।

कर्मचारियों में उत्साह

एसर की इस घोषणा के बाद कंपनी की महिला कर्मचारियों में उत्साह देखा जा रहा है। एक कर्मचारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “यह नीति हमारे लिए बहुत मायने रखती है। मासिक धर्म के दौरान कई बार शारीरिक और मानसिक परेशानी होती है, ऐसे में एक दिन का अवकाश हमें खुद को संभालने का मौका देगा।” वहीं, पुरुष सहकर्मियों ने भी इस कदम की तारीफ की है और इसे कार्यस्थल पर लैंगिक समानता की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है।

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