लंदन, 01 जुलाई 2025: ब्रिटेन में 92 वर्षीय रायलैंड हेडली को 1967 में 75 वर्षीय लुईसा डन की हत्या और दुष्कर्म के मामले में ब्रिस्टल क्राउन कोर्ट ने सोमवार (30 जून) को दोषी करार दिया। इसे ब्रिटेन के सबसे पुराने अनसुलझे (कोल्ड केस) मामलों में से एक माना जा रहा है, जिसमें 58 साल बाद न्याय मिला। हेडली को मंगलवार को सजा सुनाई गई, जिसमें उसे आजीवन कारावास की सजा दी गई, जिसमें कम से कम 20 साल जेल में बिताने होंगे।
क्या है पूरा मामला?
ब्रिटेन में रहने वाली लुईसा डन बार विधवा हो चुकी थीं और ब्रिस्टल के ईस्टन इलाके में ब्रिटानिया रोड पर अकेली रहती थीं, को 28 जून 1967 को उनके पड़ोसी ने उनके घर के सामने वाले कमरे में मृत पाया। पोस्टमॉर्टम से पता चला कि उनकी मौत गला घोंटने और दम घुटने के कारण हुई थी। उनके साथ दुष्कर्म भी हुआ था। उस समय की जांच में पुलिस ने 19,000 पुरुषों और लड़कों के पाम प्रिंट लिए, 8,000 घर-घर जाकर पूछताछ की, और 2,000 बयान दर्ज किए, लेकिन कोई संदिग्ध पकड़ा नहीं गया।
कैसे हुआ खुलासा?
2023 में एवॉन एंड समरसेट पुलिस की मेजर क्राइम रिव्यू टीम ने इस केस की दोबारा जांच शुरू की, जिसे “ऑपरेशन बीटल” नाम दिया गया। आधुनिक फोरेंसिक तकनीकों की मदद से लुईसा डन की नीली स्कर्ट पर मिले वीर्य से डीएनए प्रोफाइल प्राप्त किया गया, जो हेडली के डीएनए से मेल खाता था। यह डीएनए 2012 में एक असंबंधित मामले में हेडली के डीएनए के राष्ट्रीय डेटाबेस में दर्ज होने के बाद मिला। डीएनए के मिलान की संभावना किसी और के मुकाबले हेडली से एक अरब गुना अधिक थी। इसके अलावा, लुईसा के घर की पिछली खिड़की पर मिले पाम प्रिंट को भी हेडली के प्रिंट से मिलान किया गया, जिसे 1967 में 19,000 लोगों की जांच में नहीं पकड़ा गया था क्योंकि हेडली ब्रिस्टल के पिक्टन स्ट्रीट में रहता था, जो पुलिस की जांच के दायरे से बाहर था।
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